अर्जुनली की महिला समूह ने अब तक बनाया 31 क्विंटल वर्मी कम्पोस्ट अब गौठान में बाड़ी विकसित कर साग-सब्जी उत्पादन करने की ठानी

अर्जुनली की महिला समूह ने अब तक बनाया 31 क्विंटल वर्मी कम्पोस्ट
अब गौठान में बाड़ी विकसित कर साग-सब्जी उत्पादन करने की ठानी

बीजापुर। – राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी गोधन न्याय योजना से भोपालपटनम ब्लाक के अर्जुनली की इंदिरा महिला स्व-सहायता समूह की महिलाएं जहां गोबर खरीदी के कार्य को सुचारू ढंग से संचालित कर रही हैं। वहीं खरीदे गये गोबर से वर्मी कम्पोस्ट खाद बनाने के लिए सक्रिय होकर जुटी हुई हैं। इन महिलाओं ने अब तक 31 क्विंटल वर्मी कम्पोस्ट खाद तैयार कर लिया है और निरंतर उत्साह के साथ इस कार्य को संचालित कर रही हैं। अभी हाल ही में अर्जुनली गौठान में तैयार वर्मी कम्पोस्ट खाद की पैकेजिंग कर रही इस समूह के अध्यक्ष गोपा कोरम, सचिव शिवराजम दुब्बा सहित सदस्य महिलाएं अन्य आलोचना यालम, मीना कोरम, गोपा शांता, निर्मला कोरम, यालम सालूबाई, कोरम शांता, विजयलक्ष्मी कोरम एवं बंदम शांता ने बताया कि वे नियमित रूप से गौठान में गोबर खरीदी का कार्य कर रहे हैं। इसके साथ ही वर्मी कम्पोस्ट खाद बनाने के लिए ध्यान दे रही हैं। वर्मी टैंक पर नियमित पानी डालने सहित देखरेख कर रहे हैं। अब तक 31 क्विंटल वर्मी कम्पोस्ट खाद बना चुके हैं, अभी खाद के लिए कृषि विभाग के द्वारा 50 क्विंटल की मांग की गयी है। अर्जुनली की उक्त महिला समूह की सक्रियता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि गौठान में अभी तक खरीदे गये कुल गोबर में केवल एक सप्ताह का गोबर ही बाहर रखा है। शेष पूरा गोबर को वर्मी कम्पोस्ट खाद बनाने के लिए वर्मी टैंक में भर चुके हैं। इस महिला समूह के अध्यक्ष गोपा कोरम ने बताया कि अभी वर्मी कम्पोस्ट बनाने के लिए पर्याप्त केचुंआ उपलब्ध है। वर्मी कम्पोस्ट खाद बनाते समय नियमित रूप से पानी डालना पड़ता है, जिससे नमी बनी रहे और केचुंआ गोबर को बारीक कर सकें। इसके साथ ही केचुंआ भी जीवित रह सकें। समूह की सचिव शिवराजम दुब्बा एवं अन्य सदस्यों ने कहा कि गौठान में नलकूप की व्यवस्था को ध्यान रखकर अब हम बाड़ी विकसित कर साग-सब्जी उत्पादन करेंगे। जिससे समूह को आय संवृद्धि हो सके। इस दौरान पंचायत सचिव कुमार सत्यम ने बताया कि महिलाओं की मेहनत एवं लगन को देखकर गौठान में फेन्सिंग करने सहित एक शेड निर्माण के लिए प्रस्ताव जनपद पंचायत को भेजा गया है। उक्त दोनों कार्य के लिए स्वीकृति प्राप्त होने से साग-सब्जी उत्पादन सहित शेड में वर्मी कम्पोस्ट खाद को रखने के लिए सहूलियत होगी।