*190 का गुड़ाखु 600 रुपये पुडा में बिक रहा है शार्टेज व लाकडाउन का भय दिखाकर व्यापारी काट रहे है चांदी*
*कोरोना संक्रमण महामारी में फिर से लाकडाउन का अफवाह फैलाकर व्यापारी काट रहे है चांदी*
*छुरा:- प्रदेश में फिर से लाकडाउन का अफवाह फैलाकर व्यापारी मोटी मुनाफा कमा रहे है कल तक जो गुड़ाखु 190 रुपये पुडा में बाजार में मिलता था वही गुड़ाखु आज 600 सौ रुपये पुडा में बिक रहा है और लोग मजबूरी में खरीद भी रहे है प्रदेश में लगातार कोरोना संक्रमण महामारी में फिर से हो रहे इजाफा का व्यापारी लाभ उठाने में नही चूक रहे पिछले लाकडाउन में तम्बाकू से बने उत्पाद से मोटी कमाई कर चुके व्यापारियों के लिए यह मौका दिवाली से कम नही है व्यापारी एक बार फिर से चांदी काटने में लग गये है लाकडाउन कि अफवाह फैलाकर व्यापारी गुटखा तम्बाकू व गुड़ाखु की जमाखोरी कर बाजार में इन उत्पादों का शार्टेज बताकर जर्दा युक्त गुटखा तम्बाकू गुड़ाखु को अधिक दाम में बिक्री कर रहे है कल तक जो जर्दायुक्त गुटखा बाजार में 10 का 4 मिलता था वह गुटखा बाजार में 10 का 2 मिलने लगा है कल तक जो गुड़ाखु 5 रुपये नग व 150 रुपये पुडा में मिलता था वही गुड़ाखु आज 15 रुपये नग व 600 सौ रुपये पुडा में बिक रहा है उल्लेखनीय है कि पिछले लाकडाउन में क्षेत्र के व्यापारियों ने 5 रुपये के गुड़ाखु को 100 रुपये में बेचकर जमकर मुनाफा कमाया था एक बार फिर व्यापारी सुनहरे मौके से हाथ से नही जाना देना चाह रहे है प्रदेश भर में धारा 144 लागू होते ही नगर के व्यापारियों ने जमाखोरी शुरू कर दी है पिछले दिनों छुरा नगर के वन विभाग के गोदाम में 7,50,000 की बड़ी मात्रा में अवैध जर्दायुक्त गुटखा पुलिस ने जब्त की थी वही हफ्ते दिन पहले 2 लाख का अवैध जर्दायुक्त गुटखा पुलिस ने पकड़ा था लगातार जप्ती के बाद भी अगर में जर्दायुक्त गुटखा का व्यापार फल फूल रहा है नगर के एक पान ठेला के व्यासायी से बात करने पर बताया कि उचे दामो पर गुटखा व गुड़ाखु बेचना उनकी मजबूरी है क्योंकि जिस बड़े व्यापारियों से वे गुटखा व गुड़ाखु खरीदते है उन्होंने लाकडाउन लगने और माल की शार्टेज बताकर रेत बढा दिया है कल तक जो गुटखा हम 10 का 4 बेचते थे वही गुटखा अब 10 का 2 बेच रहे है। कोरोना काल में लाकडाउन का भय दिखाकर व्यापारियों द्वारा जमाखोरी कर फिर से एक बार जनता की जेब मे डाका डालना शुरू कर दिया है जिला प्रशासन को इस तरह जमाखोरियो पर कड़ी कार्यवाही करके हुए अवैध कारोबार पर लगाम लगाना चाहिए ताकि क्षेत्र की जनता को सही दाम पर समान मिल सके।*
