सर्व आदिवासी समाज के द्वारा सुकमा जिला बंद आव्हान।

सुकमा :- एर्राबोर पोटाकेबिन में अध्ययनरत 6 वर्षीय छात्रा के साथ में अनाचार के मामले के खिलाफ आक्रोशित सर्व आदिवासी समाज के द्वारा शुक्रवार को एक दिवसीय सुकमा जिला बंद का आह्वान किया गया है। समाज के पदाधिकारियों के द्वारा इस बंद को समर्थन देने के लिए सभी व्यापारी एवं आम जनों से अपील की गई। वहीं यह बंद सुबह 6:00 से शाम 4:00 बजे तक रहेगा। सर्व आदिवासी समाज के युवा संगठन के जिला अध्यक्ष रामदेव बघेल ने बताया कि एर्राबोर पोटाकेबिन आवासीय विद्यालय में अध्यायरत 6 वर्षीय छात्रा के साथ दुष्कर्म मामला को लेकर शुक्रवार को सुकमा जिला बंद कर धरना प्रदर्शन किया जाएगा। विद्यालय में लापरवाही करने वाले कर्मचारी अधिकारियों को तत्काल बर्खास्त कर कड़ी कार्रवाई करते हुए पास्को एक्ट तहत सजा दिया जाए। उन्होंने बताया कि जिला शिक्षा विभाग में कार्यरत डीएमसी बबलू चौहान के द्वारा सबूत मिटाने का प्रयास किया गया है, जो सुबह 6:00 बजे आवासीय विद्यालय पहुंचकर आवक-जावक पंजी को लाया गया जो कि यहां भी अपराधिक श्रेणी में आता है, विगत कई बार डीएमसी को पद से हटाने के लिए सर्व आदिवासी समाज के द्वारा प्रशासन को समय-समय पर अवगत कराया गया। परंतु प्रशासन हमेशा अनदेखा कर करवाई अभी तक नहीं किया गया। उन्होंने बताया कि विगत दिनों से सोशल मीडिया के माध्यम से सर्व आदिवासी समाज को कुछ लोग बदनाम करने का भी प्रयास किया जा रहा है जो पूर्णता गलत है सर्व आदिवासी समाज बस्तर संभाग के आह्वान पर मणिपुर में आदिवासी समुदाय के महिलाओं के साथ हुए दुष्कर्म मामलों में एक दिवसीय बंद कर विरोध किया गया था। जिसमें कुछ लोगों के द्वारा किसी संगठन का चाल है, कहकर बदनाम किया जा रहा है जो कि सर्व आदिवासी समाज इसको खंडन करता है या पूर्णता बेबुनियाद है समाज के व्यक्ति के साथ इस तरह का कोई भी घटना होती है आरोपी कोई भी क्यों ना हो, उसे कड़ी से कड़ी सजा होनी चाहिए तथा अपराधी को समाज के द्वारा फांसी की सजा के लिए मांग करता है।