राजिम :- धर्म नगरी राजिम इन दिनों हरि और हर की भक्ति में रम गया है। हर तरफ हर हर महादेव एवं राजीवलोचन के जयकारा हो रही है। सावन के तीसरे सोमवार को भी धर्म नगरी भक्तों से गुलजार रहा। श्रद्धालुगण अपने-अपने साधन के अनुसार वाहन में पहुंचते रहे। वीवीआइपी मार्ग गाड़ियों के रेलम पेल से पट गया था। लक्ष्मण झूला से होकर श्रद्धालु महादेव के मंदिर पहुंचे। बताना जरूरी है कि पूरी दुनिया में द्वादश ज्योतिर्लिंग है। 108 दिव्य लिंग तथा 275 पवित्र शैवपीठ की जानकारी मिलती है। यहां सोंढूर, पैरी एवं महानदी के संगम में माता सीता द्वारा स्थापित पंचमुखी कुलेश्वर नाथ महादेव का मंदिर प्राचीन काल से विद्यमान है। बताया जाता है कि इस शिवलिंग का निर्माण देवी सीता ने वनवास काल के दौरान संगम में स्नान के पश्चात रेत से किया था तब से शिवलिंग नदी में ही मौजूद है। यहां से पश्चिम दिशा की ओर पटेवा स्थित पटेश्वरनाथ महादेव मंदिर, पूर्व दिशा में 14 किलोमीटर की दूरी पर चंपारण स्थित चंपकेश्वनाथ महादेव, उत्तर पूर्व की ओर बम्हनी में ब्रह्मकेश्वर महादेव महासमुंद जिला में पड़ता है। पूर्व दिशा में फिंगेश्वर में फणीकेश्वरनाथ महादेव तथा दक्षिण दिशा में कोपरा में कर्पूरेश्वरनाथ महादेव का मंदिर शिव भक्तों को अपनी ओर आकर्षित करती है। अब कांवरिया की संख्या बढ़ गई है हर तरफ बोल बम तथा हर हर महादेव का जयघोष हो रहा है।

इन शिवपीठ बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। सोमवार को पूरा नगर शिवमय दिखाई दिया। देर शाम एवं मंदिरों के पट बंद होने तक बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंज पहुंचकर दर्शन पूजन कर रहे थे भगवान राजीवलोचन मंदिर के चबूतरा में सुंदरकांड का पाठ किया गया। इस मौके पर हुमन साहू एवं तुषार शर्मा ने सुंदरकांड का पाठ एवं हनुमान चालीसा का सस्वर वाचन किया। भजन को सुनकर श्रद्धालु झूमने लगे। इधर दान दानेश्वरनाथ महादेव मंदिर में साहित्यकार नूतन साहू एवं दिव्यांग संघ के जिलाध्यक्ष जागेश्वर साहू ने जल अभिषेक कर प्रदेश खुशहाली की कामना की। उल्लेखनीय है कि धर्म नगरी राजिम को हरि और हर का धाम माना गया है। यहां भगवान विष्णु राजीव लोचन के रूप में साक्षात मौजूद है तो कुलेश्वर नाथ महादेव के रूप में बाबा भोलेनाथ अपने भक्तों के ऊपर कृपा बरसा रही है। भक्ति के अलग-अलग रंग धर्म नगरी में भक्ति के अलग- अलग रंग देखने को मिला। कोई श्रद्धालु महादेव का वेश धारण किए हैं तो कोई नंदी महाराज बनकर निकल पड़े हैं। कुछ ऐसे भक्त है जो पूरे सावन महीने तक खुला पांव चल रहे हैं। पुरुषोत्तम मास के चलते भगवान विष्णु के राजीव लोचन मंदिर में प्रतिदिन बढ़ बढ़ गई है। मंदिर परिसर में अनेक विष्णु मंदिर मौजूद है जिनमें चारों धाम के रूप में वराह अवतार, नृसिंह अवतार, वामन अवतार, बद्रीनारायण अवतार तथा साक्षी गोपाल, महाप्रभु जगन्नाथ, सूर्य देव मंदिर, लक्ष्मी नारायण मंदिर, रामचंद्र देवल, छोटे राजीव लोचन मंदिर इत्यादि है। तट पर भूतेश्वर नाथ महादेव मंदिर, पंचेश्वर नाथ महादेव मंदिर, बाबा गरीब नाथ, सोमेश्वर नाथ महादेव मंदिर, पद्मनेश्वरनाथ महादेव मंदिर, पिपलेश्वर नाथ महादेव मंदिर आदि है।
