भाई के इलाज के लिए बहन ने उठाया बीड़ा, दर-दर भटक कर मदद की लगा रही है गुहार ।

 

भाई के इलाज के लिए बहन ने उठाया बीड़ा, दर-दर भटक कर मदद की लगा रही है गुहार ।

पखांजूर-बिप्लब कुण्डू-

कांकेर जिले के परलकोट क्षेत्र अंतर्गत पीवी 102 की एक बहन ने ब्लड प्रेशर से नस फटकर कोमा में कई दिन से रायपुर अस्पताल में चल रहे विश्वजीत बल्लभ के इलाज का बीड़ा उठाया है। मामला है विश्वजीत बल्लभ का जो निजी स्कूल में एक शिक्षक के पद पर कार्यरत है जिनके परिवार में मुखिया की भूमिका है क्योकि पिता का साया विश्वजीत के सर से उठ चुका है।
किस्मत को यही मंजूर था कि एक रोज के काम के बाद जब विश्वजीत अपने घर आये तो बेसुध हो गए आननफानन में अस्पताल लेजाया गया। जहां से उन्हें रेफर कर रायपुर अस्पताल भेज दिया गया।
जांच के बाद परिजनों को बताया गया कि विश्वजीत के सर का नस फट चुका है। इलाज के लिये भारी रकम की आवश्कता है। जिसके बाद लगातार विश्वजीत के परिवार वाले उसके जान को बचाने के लिये दरदर मदत की गुहार लगा रहे है पर अब तक कोई खास मदत उनको नही मिल पाया।
जिसपर बहन द्वारा अब रोज गांव गांव पहुंच कर महिलाओं से मिलकर अपनी तकलीफ बताकर भाई के जान को बचाने के लिये मदत मांग रही है। फिलहाल विश्वजीत रायपुर अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रहा है और यहां बहन अपने भाई को जिंदा देखने के लिये लोगो से मदद मांग रही है।
अब देखना है कि जिंदगी को क्या मंजूर है या बहन की उठाई बीड़ा और इंसानियत की जीत होती होती है, फिलहाल शासन प्रशासन से कोई मदद नही मिली न कोई उनतक मदद का कोई हाथ बड़ा है। अब सवाल ये है कि स्वास्थ्य योजनाओं को लेकर शासन कई बड़े बड़े दावे करते दिखाई देती है जब बात हकीकत की हो तो माताओं को बहनों को अपने परिवार की रक्षा करने सड़क पर उतर कर दरदर की ठोकर खाने को मजबूर दिखाई देती है आखिर बड़े बड़े दावे क्या कागजों में सिमट कर रही गई।