करनाल से पीड़ित परिवार बोले, बेटी को नहीं मिला इंसाफ महिला थाना से, दोबारा फिर जाएंगे गृहमंत्री अनिल विज से मिलने।

करनाल-बिन्दर शर्मा

करनाल :- करनाल में पत्रकारों से बातचीत में एक ऐसे पीड़ित परिवार ने महिला थाना की एएसआई पुष्पा की पोल खोली जिससे सुनकर आप भी हैरान हो जाओगे। पीड़िता ने बताया कि हमने कुछ महीने पहले पुलिस अधीक्षक करनाल को शिकायत दी थी। जोकि एफआईआर नंबर 40 है। जोकि महिला थाना द्वारा दर्ज किया गया था मामला। मेरी बेटी के पति तरुण पुत्र  बूटा सिंह पर जोकि गांव त्योंठा का रहने वाला है। जिसने मेरी बेटी के साथ गैरकानूनी तरीके से कुकर्म यानी दुष्कर्म किया था। जिसमें 377 धारा उसके ब्यान व मेडिकल के आधार पर लगनी थी लेकिन महिला पुलिस कर्मी पुष्पा ने मेरी बेटी का पहले जो मेडिकल करवाया था शरीर के अंगों की चोट का, वो लगाया व हमे साथ ही हमें गुमराह किया। फिर हमने करनाल जिले के आई जी सतेंद्र गुप्ता हैं जोकि ईमानदार हैं उनसे दोबारा मांग की मेडिकल की, तो उसी शिकायत के आधार पर दोबारा मेडिकल हुआ मेरी बेटी का। जिसमें डॉक्टर की रिपोर्ट के अनुसार दिनांक 10 जून 2023 में मेडीकल हुआ। अगर हम गलत होते तो दोबारा मेडिकल के लिए नही कहते करनाल पुलिस को। महिला पुलिस कर्मी पुष्पा व थाना प्रभारी कनुप्रिया ने अपनी हदे पार करदी। आरोपियों से मिलीभगत करके हमारी बेटी का पहले फर्जी तरीके से मेडिकल तैयार करवाया गया था। वो लगाया वो ही कोर्ट में पेस किया। आरोपी को बचाया गया था। महिला पुलिस कर्मी पुष्पा ने हमसे केस को मजबूत करने के लिए 20 हजार रुपये लिए थे। जिसके ऑलरेडी हमारे पास सबूत भी हैं। हमने ये भी कहा था कि हम सच्चे हैं बोली कुछ भी हो पैसे दोगे तो काम करूंगी। मेरी बेटी को इंशाफ मिल जाए इसलिए हमने उसको पैसे भी दे दिए। उसके बाद महिला पुलिस कर्मी दिनांक 15 जून 2023 को आरोपी को कोर्ट में पेस किया व उसकी माँ व उनकी नन्दों पर 406 धारा तक लगी थी गोल्ड के गहनों की, साथ ही उन पर जोकि महिला पुलिसकर्मी ने बरामद तक नही करवाए हमारे गहने। नन्दो व जमाई पर भी कोई कार्यवाही नही की जिन्होंने बेटी के साथ मारपीट तक कि थी। कोर्ट में फर्जी तरीके वाली फर्स्ट मेडिकल रिपोट पेस की दूसरे वाली जो असली थी वो नही थी, यहां तक कि जिसमे धारा 377 जो फर्स्ट पेज पर दिखानी थी एफआईआर में वो भी नही लगाई। दूसरा जब हमने ठीक अगले दिन कोर्ट से नकल निकलवाई तो उसमें सब सचाई सामने आई महिला पुलिस कर्मी पुष्पा की। दूसरी बार दिनाक 10 जून 2023 को मेडिकल करवाया गया था उसकी नकल फोटो कॉपी नही मिली उस नकल में, उसने कितनी आसानी से दुष्कर्मी व दरिंदे को छोड़ दिया गया 377 वाले मामले में। इससे पहले हम सुरेश शर्मा डीएसपी को सब वाक्य बता चुके हैं उनका रवैया व उनके बिगड़े बोल हमारे प्रति ठीक नहीं थे। उन्होंने भी हमें डांटने फटकारने का काम किया कार्यवाही करने की बजाए। जब करनाल सी एम सीटी नाम नाम की हैं सिर्फ, पीड़िता की माँ रोते रोते बोली जब करनाल पुलिस सैलरी लेती हैं तो इस तरह पैसे यानी रिश्व्त लेगी ये नही पता था हमें। यहां तक कि इंशाफ देने की बजाए पीड़ित परिवार को डांटने फटकारने का काम करेगी साथ आरोपियों को चाये पिला कर छोड़ देगी। और पीड़िता परिवार को घण्टो भर बेठा कर रखेगी तो कैसे सुरक्षित हैं बेटियां और कैसे इंशाफ मिलेगा बेटियों को। डीएसपी सुरेश और थाना प्रभारी कनुप्रिया व महिला पुलिस कर्मी पुष्पा जैसे ही दोषियों को बचाते हैं तो पीड़ित परिवार दोबारा फिर गृह मंत्री अनिल विज पर जाएगा। पीड़िता की माँ ने बताया हम गृहमंत्री से दोबारा फिर मिलेंगे इस मामले में। यहाँ तक पीड़ित परिवार ने बताया जबरदस्ती चालान पेस किये गए पुलिस द्वारा। जबकि हमारा दहेज का समान महिला थाने में मौजूद था करीब ढाई महीने से। साथ ही कहा करनाल जिले को छोड़कर हमारा केस अन्य जिले को दिया जाए। क्योंकि करनाल जिले की पुलिस विश्वास लायक नही है। क्योंकि इन्होंने केस से जुड़े सभी आरोपियों को केस से बाहर निकाल दिया है।