संसदीय समिति द्वारा आवश्यक वस्तु संशोधन अधिनियम 2020 को लागू करने की सिफारिश जन विरोधी कदम है:- तेजराम विद्रोही*

*संसदीय समिति द्वारा आवश्यक वस्तु संशोधन अधिनियम 2020 को लागू करने की सिफारिश जन विरोधी कदम है:- तेजराम विद्रोही*

केन्द्र सरकार की संसदीय समिति द्वारा आवश्यक वस्तु (संशोधन) अधिनियम 2020 को तुरंत लागू किये जाने संबंधित मांग की अखिल भारतीय क्रांतिकारी किसान सभा कड़े शब्दों में निंदा करती है। यह गरीब लोगों की खाद्य सुरक्षा को समाप्त करने और खाद्यान्न की जमाखोरी, कालाबाजारी तथा उसकी मनचाहे दाम बटोरने कॉरपोरेट जगत को खुली छूट देने वाली कदम है।

अखिल भारतीय क्रांतिकारी किसान सभा के सचिव तेजराम विद्रोही ने कहा कि आवश्यक वस्तु (संशोधन) अधिनियम 2020 पूरी तरह से गरीब व जन विरोधी सिफारिशों से भरा हुआ है जो यह कहता है कि खाद्य सामग्री जैसे अनाज, दाल, आलू, प्याज, तेल आदि जो मानव के अस्तित्व के लिए सबसे आवश्यक वस्तु है, को आवश्यक वस्तु की सूची से हटा दिया जाना चाहिए।

यह कानून भंडारण की सीमा को हटाकर असीमित निजी जमाखोरी और कालाबाजारी की अनुमति देता है। इसमें यह इशारा है कि राशन व्यवस्था समाप्त कर दी जाएगी। यह अनाज की सरकारी खरीद को निरर्थक कर देगा। यह 75 करोड़ राशन व्यवस्था के लाभार्थियों को अपनी खाद्य आवश्यकताओं के लिये बाज़ार पर निर्भर होने को मजबूर करेगा। इससे खाद्य बाजारों में कॉर्पोरेट और बहुराष्ट्रीय कंपनियों को और बढ़ावा मिलेगी यह शर्मनाक कदम ऐसे समय पर उठाया जा रहा है जब देश के लाखों किसान इन कानूनों को रद्द कराने की मांग को लेकर ठंड या गर्मी की चिंता किए बिना संघर्ष करते हुए दिल्ली की विभिन्न सीमाओं पर डटे हुए हैं। यह संसदीय समिति के गरीब विरोधी व बहुराष्ट्रीय कंपनी परस्त चरित्र को दिखाता है । यह कितना घातक होगा उसे इस उदाहरण से समझा जा सकता है कि जिस तरह से सरकार के पास पेट्रोलियम मंत्रालय होने के बावजूद वह पेट्रोल डीजल की बढ़ते हुए दामों को नियंत्रित कर पाने में अक्षम साबित हुआ है और आज अंतराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल का दाम कम होने के बावजूद पेट्रोल डीजल की दामों में लगातार तेजी हो रही है। यह ठीक उसी प्रकार से है जिस प्रकार कोविड स्पेशल के नाम पर ट्रेनें तो चलाई जा रही है लेकिन न उसमें मास्क, सेनेटाइजर, जैसे जरूरी सुरक्षा के वस्तु है और न ही थर्मल स्केनिंग। लेकिन टिकट के दाम बढ़ चुकी है। इसलिए संसदीय समिति के सिफारिश को तत्काल निरस्त किया जाए। किसानों और गरीब मेहनतकश जनता से अपील है कि वे 3 कानूनों को निरस्त करने और एमएसपी के कानूनी अधिकारों के अपने संघर्ष को मजबूत करे।