हाय रे बफ़े सिस्टम—

हाय रे बफ़े सिस्टम—
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कोन जनी,कोन ह,ये बफ़े सिस्टम ल बनाइस हे|
भगवान जाने कोन,इंहा पहिली बार खाइस हे||
बफ़े म जाके खाना कोनों चुनौती से कम नइ हे|
हमर अइसन मनखे बर,ये पनौती से कम नइ हे||

अइसने ये ठिन बफ़े के,सुनावत हों मेंहा कहानी|
दु कौंरा भात बर मोला,सुरता आगे नाना नानी||
सूट बूट पहिरे घुमत हे,जइसन थारी धरे भिखारी|
रसगुल्ला,पुड़ी,भजिया बर,टूट पड़े जैसे शिकारी||

कतको लजावत हे,त कतको मनमाने दबावत हे|
पेट म जगा नी हे त,वो झिल्ली म खिसकावत हे||
कई झन अइसे लागे,जइसे पहिली बेर आए हे||
बाप पुरखा खाय नी हे,तैसे गौंदन पारे खाए हे||

कोन छोटे अऊ कोन बड़े,नइ रहे कोनों चिन्हारी|
तै खाय हस कि नहीं,एकर नइ राहे कोनों पुछारी||
एक झन ल नेवता मिले म,पहुंचे वो साला साली|
अन्नमाता के अपमान होवत हे,फेंकावत हे नाली||

तर-तर,तर-तर देखव तो,पसीना भारी चुचवात हे|
माई पिला सबो झन,एक संघरा देख छुछवात हे||
कतको झन बिन खाए लहुटगे,नंगत के देवे गारी|
घरवाला ह खर्चा करे हे,तभो ले होवे वोकर चारी||

अतका देख युगल बोले,चल ग अपन घर जाबोन|
बोरे बासी बाचे होहि जी,नून मिरचा संग खाबोन||
आगी लगे रे अइसन के,सभ्यता अऊ