2000 करोड़ के आबकारी घोटाले में कोंटा विधायक का हाथ इस्तीफा दे लखमा-धनीराम बारसे l 

सुकमा :- दो हजार करोड़ के आबकारी घोटाले में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री के साथ-साथ कोंटा के स्थानीय विधायक एवं मंत्री कवासी लखमा का हाथ हैँ। नैतिकता के आधार पर जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती कोंटा के विधायक आबकारी मंत्री कवासी लखमा एवं मुख्यमंत्री को नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दे देना चाहिए। सार्वजनिक मंच में बड़बोले मंत्री कवासी लखमा ने सुकमा में कहा था कि मेरे द्वारा अगर किसी भी प्रकार का घोटाला एवं कमीशन खोरी का किसी भी प्रकार का आरोप सामने आता है तो मैं इस्तीफा दे दूंगा। बडी-बडी बात करने वाले कवासी लखमा अब चुप क्यों बैठे हैं। दिल्ली में हुए आबकारी घोटाले से भी बड़ा छत्तीसगढ़ का घोटाला हैँ जिसमें पूरी तरह से आबकारी मंत्री कवासी लखमा का हाथ है जिससे देशभर में छत्तीसगढ़ की छवि एवं कोंटा विधानसभा की छवि धूमिल हुई है। सुकमा के आदिवासी भाई जहां मेहनत मजदूरी करके वनोपज तेंदूपत्ता के सहारे अपने परिवार का पेट भरते हैं वही सुकमा जिला का आदिवासी मंत्री घोटाले पर घोटाला कर रहा है। जिससे सुकमा जिला के आदिवासियों की छवि धूमिल हुई है। आखिर कवासी लखमा की जवाबदेही है क्यों उनके आबकारी मंत्री रहते हुए 2000 करोड़ का घोटाला कैसे हुआ। ईडी को जांच के दौरान कई राजनीतिक आकाओं को इस घोटाले के जरिए लाभ पहुंचाने का इड़ी हो इनपुट मिला है।इड़ी द्वारा गहन जांच के बाद बताया गया है कि कैसे नकली शराब दो से 3 वर्षों में बेचा गया जिसमें कई नेताओं को लाभ पहुंचाया गया है।जिसमें सुकमा जिला के आबकारी मंत्री कोंटा विधायक कवासी लखमा के सांठ गाठ के बिना नकली शराब कैसे बिक सकता है। धनीराम बारसे ने कहा कि सुकमा की भी छवि इस शराब घोटाले पर धूमिल हुई है। जबसे कांग्रेस की सरकार बनी है सुकमा में कांग्रेस के विधायक आबकारी मंत्री लूट की फैक्ट्री खड़ी कर रखी है। हर कार्य में कमीशन खोरी फिक्स है। निर्माण एजेंसी कवासी लखमा के कमाने का जरिया बन गया है। कवासी लखमा एवं जिला पंचायत अध्यक्ष कवासी हरीश के दखल से ही निर्माण एजेंसी चल रही है। भाजपा के दखल के बाद जहां गोपनीय टेंडर का सिलसिला बंद हुआ पर अभी भी कवासी लखमा एवं उनके बेटे के दखल से ही कार्य संपन्न होता है। और मोटी कमीशन पिता पुत्र वसूलते हैं।जिससे सुकमा जिले में भारी अस्थिरता का वातावरण फैल चुका है। सुकमा जिला भ्रष्टाचार का गढ़ बन चुका है। अब आबकारी मंत्री कवासी लखमा छत्तीसगढ़ को भी भ्रष्टाचार का गढ़ बनाने में लग गए हैं। आज तक सुकमा जिले में किसी भी आदिवासी नेता पर भ्रष्टाचार का आरोप नहीं लगा। पर जब से कांग्रेस की सरकार बनी है सुकमा जिला का नाम खराब हुआ है। अब सुकमा जिला के जिले वासी सुकमा जिला का और नाम खराब नहीं होने देंगे जल्दी आने वाले चुनाव में कोंटा विधायक कवासी लखमा को भ्रष्टाचार की कीमत चुकानी पड़ेगी। और आबकारी मंत्री कवासी लखमा जब तक इस्तीफा नहीं देते हैं। भारतीय जनता पार्टी आंदोलन करते रहेगी।