गडरिया समाज को अनुसूचित जनजाति में शामिल करने की मांग-नारायण प्रसाद पाली।

तखतपुर :- गडरिया समाज छत्तीसगढ़ के सक्रिय कार्यकर्ता नारायण प्रसाद पाली द्वारा मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ शासन रायपुर को कलेक्टर बिलासपुर के माध्यम से ज्ञापन प्रेषित कर मांग किया है कि, गडरिया समाज एवं उनके समस्त उपजाति को जो कि वर्तमान में राजपत्र छत्तीसगढ़ शासन के, सूची 23: पर अन्य पिछड़ा वर्ग की में दर्ज है‌। उक्त गडरिया जाति एवं उपजाति धनगर हटकर हटगर गाडरी गायरी धारिया घोसी कुरमार गारी पाल बघेल गडेरी सभी को अनुसूचित जनजाति की श्रेणी में शामिल करने हेतु छत्तीसगढ़ शासन द्वारा प्रस्ताव पारित करने तथा केंद्र सरकार को अनुशंसा सहित प्रेषित करने की मांग की है। नारायण प्रसाद पाली ने बताया कि आजादी के 75 वर्षों बाद में हमारा गडरिया समाज जो स्वतंत्रता संग्राम के समय भी राष्ट्र के लिए लड़ाई लड़ता रहा है।आज उपेक्षित है, अंग्रेजों ने हमारे गडरिया समाज को विद्रोही समाज की सूची में रखा था। किंतु आजादी के पश्चात हमारे समाज की बड़ी उपेक्षा हुई और आज तक हो रही है हमारे गडरिया समाज और उनके उप जातियों के सामाजिक राजनीतिक आर्थिक सांस्कृतिक रूप से बड़ा ही उपेक्षा हो रहा है, ऐसी स्थिति में गडरिया समाज एवं उनके उप जातियों को अनुसूचित जनजाति की श्रेणी में शामिल किया जाना चाहिए ताकि समाज को लाभ प्राप्त हो सके शिक्षा के क्षेत्र में शासन प्रशासन के क्षेत्र में उद्योग व्यापार के क्षेत्र में लाभ मिल सके, इसी उद्देश्य को लेकर मांग किया गया है। उक्त जानकारी नारायण प्रसाद पाली समाजिक कार्यकर्ता गडरिया समाज तखतपुर जिला बिलासपुर छत्तीसगढ़ द्वारा दी गई है।