राजिम :- छत्तीसगढ़ की माटी में जन्में राष्ट्रपति एवं राज्यपाल पुरस्कृत सेवा निवृत्त प्रधान पाठक एवं दादा साहेब फाल्के इंटरनेशनल फिल्म अवार्डी गीतकार हैं डाॅ मुन्ना लाल देवदास । उन्होंने देश के किसानों के सम्मान में एक नये भावपूर्ण गीत की रचना की है, जिसका शीर्षक है – ” अन्न दाता किसान, ” इस गीत को बॉलीवुड सिंगर पार्श्व गायिका साधना सरगम एवं साथियों ने अपनी आवाज दी है ।
किसानों के सम्मान में लिखे हुए इस गीत के हर शब्द मोती की तरह अनमोल है, अंदाज देखिए –
हे धरती के भगवान, हे माटी पुत्र किसान। तेरे हैं इतने एहसान, मैं कैसे करुँ बखान। अन्न दाता किसान, अन्न दाता किसान, इस गीत की रिकार्डिंग आर एस स्टुडियो मुंबई में हुई । किसानों के सम्मान में समर्पित इस गीत को राष्ट्रीय पटल पर एक अलग पहचान मिलेगी, जनता का प्यार और आशीर्वाद मिलेगा। यह भारत की ऋषि और कृषि परंपरा पर आधारित गीत है। गीतकार डाॅ देवदास का मानना है कि जो सम्मान देश में राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे का है, वही सम्मान देश में अन्न दाता किसान का है। देश की सुरक्षा के लिए सीमा पर तैनात सेना के हर जवान की शक्ति का स्त्रोत है किसान, तभी तो भारत के पूर्व प्रधानमंत्री स्व लाल बहादुर शास्त्री ने नारा बुलंद किया – ‘जय जवान – जय किसान। ” किसान इस धरती का जीता जागता भगवान है। जो सबका पालन पोषण करने के लिए जी जान से मेहनत करता है। मानव जीवन में किसान के एहसान का बखान हम शब्दों से शायद नहीं कर पाएंगे । इसी तरह डाॅ देवदास ने देश के स्वाभिमानी और कर्मयोगी किसानों के अनेक गुण धर्मों को इस गीत में पिरोए हैं। जिसे साधन सरगम के सुमधुर आवाज ने एक नई दिशा दी है। इस गीत के संगीतकार है, छत्तीसगढ़ के जितेन्द्रीमय देवांगन, जो बॉलीवुड के अनेक सिंगरों से गीत गवा चुके हैं और जिसने अनेक छत्तीसगढी फिल्मों को संगीत से सजाने का शोहरत पाया है। नृत्य निर्देशन पदमा देवांगन का है। डाॅ देवदास अपने इस प्रोजेक्ट में कर्मयोगी किसानों के आत्म सम्मान को जगाने का प्रशंसनीय प्रयास किया है। उन्हें इस प्रेरणास्पद पहल के लिए देश एवं प्रदेश के अनेक किसान संगठनों, सामाजिक साहित्यिक संस्थाओं और जन मानस की ओर से हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं मिल रही है।
