
छुरा :- गरियाबंद जिले के आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र में एक ऐसे पीड़ित गरीब आदिवासी परिवार ग्राम पंचायत देवरी के विजयपुर में निवासरत है। इस परिवार की आर्थिक स्थिति काफी खराब है। पति-पत्नी दोनों के पैरों के सूजन व छाले पड़ जाने से बीमार काम करने में असमर्थ है। जिसके चलते अपने व अपने बच्चे की जीवन यापन करने में बहुत ही दिक्कतों का सामना कर रहे हैं। ग्राम के सरपंच अशोक ठाकुर ने बताया बहुत ही गरीबी स्थिति होने के कारण अपना इलाज भी नहीं करा पा रहे हैं। एक बार तबियत बहुत ज्यादा खराब हो जाने पर मेरे द्वारा मदद कर गरियाबंद जिला अस्पताल तक पहुंचाया गया था। जहां कुछ मदद किया गया था। लेकिन अभी तक उन लोगों की तबीयत में कोई सुधार नहीं आया। इन दोनों का इलाज किसी बड़े अस्पतालों में ही हो पाएगा। यह जानकारी गरियाबंद जिले के इंडियन रेड क्रॉस संरक्षक सदस्य समाजसेवी मनोज पटेल को होते ही तत्काल पीड़ित परिवारों की सुध लेने अपने सहयोगी नीलकंठ दीवान को उनके घर जानकारी लेने भेजा। लीलाबाई 32 वर्ष उनके पति संतोष नागेश 36 वर्ष दोनों ने अपनी पीड़ा व दुख दर्द की जानकारी बताए। मेरी पत्नी बिस्तर में ही पड़े रहती है कहीं आ जा नहीं पाती गंभीर रूप से बीमार हो चुके हैं। मेरी स्थिति भी बहुत खराब है मैं भी बीमार हूं। जिसके चलते कुछ काम भी नहीं कर पाता। पैरों में छाले व सूजन होने लगे हैं चलने में बहुत दर्द होता हैं। अपने परिवार चलाने के लिए कुछ काम भी नहीं कर पाता। जिससे हमारे 5 वर्षीय बेटी वंदना की खुशियां छीन रही है।सरकार द्वारा हमें कोई सुविधाएं नहीं मिल पा रहा है। मेरे पास मजदूरी करके जितना भी जमा पूंजी था। ईलाज में खत्म हो गया स्वास्थ्य सुविधा के लिए आर्थिक सहायता की बहुत ही जरूरत है।जिससे हम अपने जीवन सुधार कर सके। कहने को तो आयुष्मान कार्ड से 5लाख का निःशुल्क ईलाज बताया जाता है लेकिन कार्ड के साथ-साथ कुछ पैसे का होना भी जरूरी है। जो हमारे पास नहीं है ऐसा नहीं की हमारे पास आयुष्मान कार्ड है और हम लोगों का इलाज हो जाएगा। आना जाना खाना खर्चा और दवाइयां भी खरीदना पड़ता है। इन सब चीजों के लिए हमारे पास जरा भी पैसे नहीं है।इस गंभीर समस्या अज्ञात बीमारी की जानकारी होने पर पीड़ित परिवार व समाजसेवी मनोज पटेल ने शासन प्रशासन से तत्काल मदद की गोहार लगाया है।
