
राजिम :- धर्म नगरी के प्रसिद्ध राजीव लोचन मंदिर में श्रद्धालुओं के पांव ना जले इसलिए मंदिर ट्रस्ट ने वाइट पेंट पत्थर पर लगा दिए हैं। इसमें धूप में भी चलने पर पैर सुरक्षित रहते हैं। अधिकांशतः मंदिर में आने वाले श्रद्धालु अपने चरण पादुका बाहर ही छोड़ देते हैं और खुला पांव मंदिरों के दर्शन करने के लिए चलते रहते हैं। प्रसिद्ध राजीव लोचन मंदिर दो भागों में विभक्त है। पहले परिसर में भगवान राजीवलोचन मंदिर, चारों धाम वराह अवतार, नृसिंह अवतार, वामन अवतार, बद्रीनारायण अवतार, साक्षी गोपाल, जगन्नाथ मंदिर, राम भक्त हनुमान मंदिर इत्यादि है द्वितीय परिसर में राज राजेश्वर नाथ महादेव, दान दानेश्वरनाथ महादेव, सूर्य देव नारायण मंदिर, विघ्नहर्ता गणेश, राजिम भक्तिन माता मंदिर आदि है। इनके अलावा अनेक देव प्रतिमाएं भी मौजूद है। इन मंदिरों में ओर से लेकर छोर तक प्राचीन समय से पत्थर बिछे हुए हैं। चूंकि गर्मी का समय आ गया है सुबह 8:00 बजे से ही पत्थर गरम हो जाते हैं इससे श्रद्धालुओं को आने जाने में बड़ी तकलीफ हो रही थी वह खुला पैर नहीं चल पा रहे थे। श्री राजीव लोचन मंदिर ट्रस्ट कमेटी ने हर साल की भांति इस बार भी उनकी सुविधा के लिए वाइट पेंट लगा दिया गया है। मैनेजर पुरुषोत्तम मिश्रा ने बताया कि छत्तीस सौ स्क्वायर फीट लंबी एवं 3 फीट चौड़ी पेंट लगाया गया है। सुबह 8:00 बजे से लेकर शाम 5:00 बजे तक पत्थर गर्म रहते हैं अब श्रद्धालुओं को आने जाने में कोई तकलीफ नहीं हो रही है। जिस जगह पर पेंट लगा हुआ है वह गर्म नहीं हो रहे हैं और श्रद्धालु आसानी से चल पा रहे हैं। रायपुर से पहुंचे दंपत्ति ने बताया कि यह अच्छी सुविधा है। हमें बहुत अच्छा लग रहा है।श्रद्धालुओं की सुविधा का पूरा ख्याल रखा जा रहा है इससे बड़ी बात और क्या हो सकती है।
