राजनीति में रामायण की नीति से रामराज्य आएगा: पुष्पा साहू।

राजिम :- बरोंडा में चल रहे तीन दिवसीय मानसगान सम्मेलन के समापन समारोह में मुख्य अतिथि की आसंदी से अपने उद्बोधन में जनपद पंचायत फिंगेश्वर के अध्यक्ष पुष्पा जगन्नाथ साहू ने कहा कि राजनीति में रामायण की नीति को अपनाने से निश्चित तौर पर रामराज्य आएगा। राम छत्तीसगढ़ का भांजा है इसलिए हम अपने भांजे को राम के स्वरूप मानते हैं और उनका चरण धोकर प्रणाम करते हैं।

राम की कथा सुनना ही जीवन को राम से जोड़ना है। आज की युवा पीढ़ी दिग्भ्रमित हो रहे हैं और पश्चिमी सभ्यता की ओर अग्रसर होते जा रहे हैं मोबाइल के व्हाट्सएप फेसबुक यूट्यूब इत्यादि प्रोग्राम में दिन भर लगे रहते हैं इससे मानसिक तनाव बढ़ रही है हम मोबाइल का उतना ही उपयोग करें जितनी आवश्यकता है ज्यादा मुश्किल में डाल देती है।

उन्होंने आगे कहा कि भूपेश सरकार के द्वारा राम वन गमन पथ के अंतर्गत नौ स्थलों को विकसित किया जा रहा है यह पहली चरण है जहां प्रभु श्री रामचंद्र जी की विशाल प्रतिमा बनाया गया है जिसके अंतर्गत राजिम में भी हम भगवान रामचंद्र की विशाल प्रतिमा देख रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि अभी डेढ से 2 साल का समय बचा हुआ है हम गांव का खूब विकास करेंगे और आप सब लोगों का आशीर्वाद जरूरी है आगे और नेतृत्व करने का अवसर मिलेगा। पिछले दो-तीन माह में मैं खुद तीन बार आ गई हूं यहां आने के बाद मुझे लगता है मैं खुद यहां की बहू बेटी हूं। इस मौके पर जनपद पंचायत फिंगेश्वर के सभापति सुगंधित घृतलहरे, जनपद के पूर्व अध्यक्ष लोकेश पांडे, सरपंच दानेंद्र सेन, उपसरपंच परमेश्वर यादव, कृष्णा साहू, गोविंद साहू, हेमलाल चक्रधारी, भारत निर्मलकर, भुनेश्वर सिन्हा सहित अनेक लोग मंच पर विराजमान थे। इस मौके पर सभी अतिथियों का स्मृति चिन्ह एवं साल भेंट कर सम्मान किया गया। मौके पर उपस्थित कवि एवं साहित्यकार संतोष कुमार सोनकर मंडल, शिक्षक रामकृष्ण पुष्पकार का श्रीफल एवं वस्त्राभूषण भेंटकर सम्मान किया गया।

 

देवरतिल्दा के मानस मंडली ने कहा सुबह उठकर करें माता-पिता का प्रणाम

पिछले 3 दिनों से लगातार चल रहे रामायण सम्मेलन में पूरे छत्तीसगढ़ के रामायण मंडली अपनी प्रस्तुति दे रहे हैं। समापन दिवस सुबह 10:00 बजे से शुरू रामायण में अर्चना महिला मानस मंडली करेली धमतरी ने रामकथा के अंतर्गत सुंदरकांड के प्रसंग पर व्याख्यान करते हुए कहा कि विभीषण हनुमान को मोटिवेट करते हैं नतीजा वह लंका जाने के लिए तैयार हो जाते हैं और माता सीता का पता लगाकर वापस आ भी जाते हैं काम करने के लिए लगन होना बहुत जरूरी है तभी सफलता मिलती है सफल होने के लिए अधूरे मन से काम करना ठीक नहीं है। जय भारत मानस मंडली दरगहन धमतरी ने गीत संगीत से लोगों को झूमने के लिए मजबूर कर दिया। श्रद्धा के फूल मानस मंडली हरडुला कांकेर की प्रस्तुति ने काफी प्रभावित किया। जय सिद्धेश्वर मानस परिवार देवरतिल्दा बलोदा बाजार के व्याख्याकार युधिष्ठिर कन्नौजे ने प्रसंग के माध्यम से छोटी-छोटी बातों पर हंसाते रहें उन्होंने कहा कि माता-पिता का प्रणाम करना ही सब कुछ है इस दुनिया में ईश्वर तो आ नहीं रहे हैं लेकिन अपने रूप में माता-पिता को भेज कर साक्षात हमें भगवान को दे दिए हैं। इनके प्रणाम करने से पूरा दिन शुभ होता है इसलिए माता-पिता का प्रतिदिन प्रणाम करें और जीवन को धन्य बनाएं। इसी तरह से बस्तर, महासमुंद, राजनांदगांव, धमतरी के कुल 8 मंडली ने देर रात्रि तक अपनी प्रस्तुति देते रहे। कार्यक्रम का संचालन शत्रुघ्न निषाद, वेद कुमार यादव एवं गणेश चक्रधारी ने किया। इस मौके पर प्रमुख रूप से निर्भय राम साहू, नरेश पाल, जितेंद्र सिंहा, कोमल साहू, खिलेंद्र सोनकर समेत बड़ी संख्या में ग्रामवासी मौजूद थे।