
धमतरी :- पवनपुत्र हनुमान कहें या मारुति नंदन, संकटमोचन हनुमान हर किसी परिस्थिति में अपने भक्तों के संकट हर लेते हैं। 6 अप्रैल को हनुमान जन्मोत्सव मनाया गया। धमतरी अंचल में भी सभी छोटे-बड़े मंदिरों में सुबह से ही अलग-अलग कार्यक्रम रखे गए थे कहीं पर छप्पन भोग तो कहीं पर भंडारे का आयोजन किया गया। शाम को शोभायात्रा भी निकाली जाएगी। हनुमान जन्मोत्सव चैत्र माह की पूर्णिमा को मनाया जाता है। हनुमान जन्मोत्सव के दिन सभी भक्त हनुमान की पूरे विधि विधान से पूजा अर्चना करते हैं और पूरे उल्लास के साथ उनका जन्मोत्सव मनाते हैं ।हनुमान जन्मोत्सव का दिन राम भक्तों और हनुमान भक्तों के लिए सबसे शुभ दिन माना जाता है.

बजरंगबली के भक्त इस दिन को बेहद ही धूमधाम और उत्साह के साथ मनाते हैं। धमतरी के पुराना बस स्टैंड स्थित हनुमान मंदिर, रुद्री के दक्षिण मुखी हनुमान मंदिर, इतवारी बाजार स्थित किले के श्री राम हनुमान मंदिर सहित सभी छोटे बड़े हनुमान मंदिरों में अलग-अलग कार्यक्रम रखे गए थे। पुराना बस स्टैंड के हनुमान मंदिर में सुबह से ही भक्तों का तांता लगा रहा। दोपहर को प्रसाद वितरण किया गया।

शाम को महाआरती की जाएगी। विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल द्वारा हनुमान जन्मोत्सव पर शोभायात्रा का आयोजन किया गया है। किले के श्री राम मंदिर में भक्तों की लगी भीड़ इतवारी बाजार स्थित किले के श्री राम मंदिर में सुबह से ही अलग-अलग कार्यक्रम रखे गए थे। पंडित सुरेश शास्त्री महाराज ने बताया कि सुबह 7:30 बजे से रुद्राभिषेक के बाद श्रृंगार हवन पूजन किया गया। 12 बजे आरती पश्चात छप्पन भोग लगाया गया। 12:30 बजे प्रसादी वितरण शुरू हुआ। शाम 5:30 बजे से हनुमान चालीसा के साथ राम नाम संकीर्तन रखा गया है। रात 9 बजे महाआरती की जाएगी। किले के श्री हनुमान मंदिर ट्रस्ट सचिव विपिन पंवार ने बताया कि यह स्वयंभू हनुमान हैं। शुरुआत में दीनानाथ और दुर्गा प्रसाद ने इसकी पूजा अर्चना शुरू करवाई थी। इसके बाद बाबू पंडरीराव कृदत्त और विद्यासागर अग्रवाल के नेतृत्व में ट्रस्ट का गठन किया गया जो अब तक संचालित है। यहां गायत्री संस्कृत पाठशाला भी जारी है। ट्रस्ट के सदस्य रामचरण अग्रवाल, राकेश चांडक, समर भूषण गुप्ता, आनंद पवार, प्रतापराव कृदत्त आदि मौजूद थे।
