सबके कल्याण हेतु दी गई गायत्री मंत्र से आहुति।

राजिम :- अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार के निर्देशन में गायत्री शक्तिपीठ राजिम में सबके कल्याण हेतु सैकड़ों श्रद्धालुओं ने गायत्री महामंत्र से आहुति दी। प्रथम दिवस गायत्री शक्तिपीठ राजिम के मुख्य प्रबंध ट्रस्टी चंद्रलेखा गुप्ता, वरिष्ठ कार्यकर्ता पवन गुप्ता, ट्रस्टी संतराम ध्रुव, संतोष कुमार साहू, ताराचंद साहू, परिवाजक पुरुषोत्तम दीवान, शेखर यादव, ईश्वरी साहू, सुरेश सिन्हा, पूर्व ट्रस्टी गीतांजलि साहू सहित 22 जोड़ो ने अखंड दीप प्रज्वलन कर यज्ञ में भाग लिए साथ ही पूरे नवरात्रि पर्व में प्रतिदिन सुबह 7:30 बजे से 8:30 बजे तक 15 से 20 दांपत्य जोड़ों ने आहुति दी और रामनवमी के दिन पांच कुंडीय गायत्री महायज्ञ में पूर्णाहुति करने के लिए समस्त राजिम नगर वासियों सहित आसपास के 45 जोड़ों ने यज्ञ में हिस्सा लेकर पुण्य लाभ प्राप्त किए।

कार्यक्रम का शुभारंभ आचार्य तुला राम की टोली एवं युग गायिका कुमारी निहारिका साहू कुमारी लक्ष्मी साहू की मधुर स्वर में प्रज्ञा गीत के साथ हुआ। साथ ही प्रवचन कर्ता दीनबंधु यादव एवं चंद्रशेखर ने गुरु एवं रामनवमी पर्व के बारे में शानदार प्रवचन करते हुए यज्ञ कार्य संपन्न कराए। ठीक 12 बजे भगवान राम का जन्म उत्सव शंख नाद एवम् स्तुति के साथ मनाया गया। इस यज्ञ में आओ गढ़े संस्कारवान पीढ़ी के अंतर्गत पुंसवन संस्कार आने वाले संतान को श्रेष्ठ, संस्कारवान, कैसे बनाएं इस पर विस्तार से बताते हुए माधुरी देवांगन का पुंसवन संस्कार कराया गया व आचार्य तुलाराम के सुपुत्र का अन्नप्राशन संस्कार सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम के अंत में जिला समन्वयक टीकम राम साहू ने मां गायत्री एवम् गुरु महिमा का बखान करते हुए गायत्री परिवार के द्वारा चलाये जा रहे विभिन्न प्रकार के रचनात्मक कार्यक्रमों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। टोली की बिदाई पवन कुमार गुप्ता वरिष्ठ परिजन, सुश्री रूखमणी बंछोर, शिक्षक लिलेश्वर प्रसाद साहू, शिक्षिका रुचि साहू, भारती साहू ने प्रज्ञा पुत्रो को श्रीफल देकर की। कार्यक्रम को सफल बनाने में अशोक शर्मा, संतराम ध्रुव, सन्तोष साहू, शेखलाल, खिलेश्वर साहू, पुरुषोत्तम दीवान, सुरेश सिन्हा, रामकुमार साहू, साधुराम निषाद, पंकज, इंद्रदेव, दीपा, सीता, सीतू, लुकेश्वरी, दीपिका, गायत्री, गीतांजलि, सावित्री, अंजली, सरिता, महेश्वरी सहित सभी कार्यकर्ताओं का विशेष योगदान रहा।