
मालखरौदा :- ग्राम गोबरा से छोटे सीपत से मिशन चौक से जैजैपुर तक पहुंच मार्ग का निर्माण कार्य पिछले 3 सालों से एडीबी कंपनी के द्वारा किया जा रहा है किंतु अभी तक रोड बनाना तो दूर पुल पुलिया का निर्माण भी पुरा नहीं कराया जा सका है ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा लगभग पचासी करोड रुपयों की लागत राशि से एडीबी कंपनी को 20 माह के अंतर्गत काम को पूरा किए जाने हेतु बांड ठेका में दिया गया था लेकिन तथाकथित बारबारिक कंपनी के ठेकेदार ने सड़क की अगल बगल के जमीन तथा मकान आदि की मुआवजा प्रकरण का हवाला देकर एक साल की अवधि और मांग किया गया उसके बाद भी सड़क का निर्माण कार्य पूरा नहीं किया जा सका है वही आज इस मार्ग में चलने वाले 2 पहिया व चार पहिया वाहन चालकों द्वारा मार्ग की हालत देख चलने के लिए कतरा रहे हैं इसकी हालत गर्मी के समय हल्की बारिश में इतनी बद से बदतर हो गया हैं कि चलने वाले सभी राहगीर अपनी दबी जुबान से तरह-तरह की शब्दों से कार्य करने वाले तथाकथित ठेकेदार एवं जनप्रतिनिधियों को कोस रहे हैं वही अपनी खाना पूर्ति हेतु कुछ कुछ जगहों को डामरीकरण भी किया गया है जो देखकर नहीं लगता कि इस ठेकेदार ने इस मार्ग में डामरीकरण किया है आज की स्थिति में सबसे ज्यादा खराब ग्राम कनाईडीह के पास, ग्राम बेल्हाडीह के आगे तथा ग्राम परसवानी के बस्ती अंदर की सड़क की हालत इतनी दयनीय हो गया है कि अपने जान जोखिम में डालकर वह भी बहुत ही धीमी गति से सड़क में चलना लोगों के लिए मजबूरी हो गई है ताज्जुब की बात तो यह है कि पीडब्ल्यूडी विभाग द्बारा यह मार्ग बहुत बरसों पहले से बनाया गया है और पीडब्ल्यूडी द्वारा मुआवजा प्रकरण भी वितरण किया जा चुका है लेकिन अभी वर्तमान में एडीबी कंपनी के द्वारा पुनः नया सर्वे कराकर अनाप-शनाप नाप जोड कर मुआवजा प्रकरण बनाया गया और इन्हीं गलत रवैया के चलते असली जमीन वाले को आज तक मुआवजा नहीं मिला है इस तरह तथाकथित ठेकेदार द्वारा सड़क निर्माण के लिए कोताही बरतने के साथ मार्ग में चलने वाले वाहन चालकों के जान के साथ खिलवाड़ भी किया जा रहा है वही क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों की उदासीनता का भी भेंट यह सड़क मार्ग चढ गया है क्योंकि आज तक इन क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों द्वारा सड़क निर्माण कराने हेतु किसी भी जनप्रतिनिधियों द्वारा आगे आकर कोई सार्थक कदम नहीं उठाया जा सका है जबकि इस मार्ग में सभी ग्राम पंचायतों में सरपंच है जनपद सदस्य हैं जिला सदस्य है कभी नहीं आंख मूंदे बैठे हैं बर हाल इस सड़क मार्ग की हालत मौके में जाकर चलने वाले सभी वाहन चालकों को महसूस हो रहा है लेकिन इस मार्ग के बनाने वाले ठेकेदार के कान मे जूं तक नही रेंग रहा है जो बड़े शर्म की बात है निर्माण कार्य 20 अप्रैल 2020 से शुरू हुआ था जिसे 20 माह में ठेकेदार को बनाना था लेकिन 20 23 अप्रैल माह एक बार फिर आने वाला है सड़क की स्थिति मैं ज्यादा कुछ सुधार नहीं हुआ है।
एडीबी अजय कुमार दीवान, परियोजना प्रबंधक।ऐसा है तो इस बारे में जानकारी लेकर ठेकेदार को बोलता हूं
