योजना के सफल कार्य के लिए बजट में 100 करोड़ रूपए का प्रावधान।

रायपुर :- मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा राज्य में वृक्षों के व्यवसायिक उपयोग को बढ़ावा देने की अपार संभानाओं को देखते हुए ”मुख्यमंत्री वृक्ष संपत्ति योजना” को लागू करने की घोषणा की गई है। योजनांतर्गत किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से किसानों की सहमति पर उनकी भूमि पर वाणिज्यिक वृक्षारोपण किया जा रहा है। इसके सफल होने के लिए बघेल द्वारा वर्ष 2023-24 के बजट में 100 करोड़ रूपए की राशि का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा वाणिज्यिक वृक्षारोपण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ में ”मुख्यमंत्री वृक्ष सम्पदा योजना” लागू होने की घोषणा उपरान्त छत्तीसगढ़ में वृक्ष सम्पदा योजना की तैयारी में वन विभाग जुट गया है और तैयारियां जोरो पर है । विभाग द्वारा वन एवं ग्राम परिवर्तन मंत्री मोहम्मद अकबर के कुशल मार्गदर्शन और वन विभाग के प्रमुख सचिव मनोज पिंगुआ के निर्देश में अब तक 19 हजार से अधिक हितग्राहियों के लगभग 30 हजार एकड़ निजी भूमि में वृक्षारोपण अधिकार पंजीयन किए जा चुके हैं। इस साल 12 प्रजातियों के वृक्षों का रकबे में 30 हजार एकड़ जमा होगा इस संबंध में प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख श्री संजय शुक्ला ने बताया कि संख्या वृक्ष सम्पदा योजनांतर्गत राज्य में इस वर्ष 12 प्रकार की प्रजातियों के वृक्षों का 30 हजार एकड़ रकबे में जोड़ा जाएगा। इनमें से क्लोन युकलिप्टस का 17 हजार 182 एकड़ में, रूटशूट टीक का 6 हजार 456 एकड़ में, टिश्यू कल्चर का 2 हजार 617 एकड़ में, चंदन का 1 हजार 462 एकड़ में, मेलिया दुबिया का 8 सौ 34 एकड़ में, सामान्य बांस का 7 सौ 37 एकड़ में, टिश्यू कल्चर बांस का 6 सौ 7 एकड़ में, रक्त चंदन का 1 सौ 26 एकड़ में, आमला का 43 एकड़ में, खमार का 40 एकड़ में, शीशम का 20 एकड़ में तथा महानीम का 20 एकड़ रकबे में लगाने का लक्ष्य रखा गया है।

भागीदार वृक्ष सम्पदा योजनांतर्गत 5 वर्षा में 1 लाख 80 हजार एकड़ में 15 करोड़ वृक्षारोपण का लक्ष्यपंचायत और भूमि अनुबंध धारक इस योजना का लाभ उठा सकते हैं। राज्य शासन द्वारा 1 वर्ष में 36 हजार एकड़ और 5 वर्षा में 1 लाख 80 हजार एकड़ क्षेत्र में कुल 15 करोड़ वृक्षारोपण करने का लक्ष्य रखा गया है। इस योजनांतर्गत राज्य शासन द्वारा 5 एकड़ तक वृक्षारोपण के लिए 100 प्रतिशत अनुदान और 5 एकड़ से अधिक क्षेत्र वृक्षारोपण अनुमति में 50 वर्षीय वित्तीय अनुदान अनुदान। स्कोरिटिड प्रजातियों की उच्चतर न्यूनतम लाइक्स का भी शासन किया जाएगा। 5 वर्षा में रोपित सभी प्रजातियों के वृक्ष प्रौढ़ होने पर उनका मूल्य 10 हजार करोड़ रुपये होने की सम्भावना है। इस योजना से किसानों को प्रति शेयर 15 हजार से 50 हजार रूपए की आय सम्भावित है। इसके अतिरिक्त कार्बन क्रेडिट के माध्यम से भी किसानों को अतिरिक्त आय होगी।