फिंगेश्वर :- शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला बिजली में मातृ पितृ दिवस मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती माता एवं छत्तीसगढ़ महतारी के छायाचित्र पर पूजा अर्चना कर किया गया।इस अवसर पर संस्था के प्राचार्य पूरन लाल साहू ने कहा कि एक पिता अपने बच्चों को समाज की दुनियादारी से लेकर उनकी हर एक समस्या को झट से सुलझा देने का हुनर देता है। भारतीय संस्कृति में माता पिता का विशेष महत्व है। पिता का साया एक मजबूत और छाया देने वाले पेड़ जैसे होता है जो सारी परेशानियां खुद सहन करता है लेकिन अपनी छांव में बैठे लोगों पर आंच भी आने नही देता। पिता अपने बच्चों के लिए एक नायक, आदर्श, एक सच्चा दोस्त और पथ प्रदर्शक होता है। मॉ यदि जीवन देती है तो पिता जीवन जीना सिखाता है।पिता मेहनत करता है और हर परिस्थिति का सामना करना और जीवन की कठिनाइयों में लड़ना सिखाता है। पिता अपने बच्चों के लिए न सिर्फ धूप की तपिश झेलकर उनकी हर एक जरूरत का ख्याल रखते है बल्कि उन्हें हर मुसीबत से बचाने में सबसे आगे रहते है। पिता का जीवन मे होना बहुत जरूरी है जिनके पास पिता होते है उसके पास दुनिया की सबसे बड़ी ताकत होती है। दिनेश कुमार साहू व्याख्याता ने कहा कि माता पिता एक वो अनमोल रत्न है। जिनके आशीर्वाद से दुनिया की सबसे बड़ी कामयाबी भी हासिल की जा सकती है।संतोषी गिलहरे व्याख्याता ने कहा कि जीवन में संस्कार का बहुत महत्व है।संस्कार विहीन मनुष्य पशु के समान होते है। अतः सभी बच्चे को अपने माता पिता का सम्मान करना चाहिए। कार्यक्रम का संचालन मुस्कान निषाद, एवं भारती दास ने किया। इस अवसर पर संस्था के प्राचार्य पूरन लाल साहू, व्याख्याता दिनेश कुमार साहू, विनय कुमार साहू, गीतांजली नेताम, संतोषी गिलहरे, रुद्रप्रताप साहू, अविनाश साहू, भृत्य आकाश सूर्यवंशी व छात्र छात्राएं उपस्थित थे।

