त्रिवर्षीय डिप्लोमा होल्डर नाम के आगे डां शब्द नही लिख सकते।

धरमजयगढ़ :- चिकित्सक के रुप मे कार्य नही कर सकते, निजी practice नही कर सकते, किसी भी health सेन्टर का वित्तीय या प्रशासनिक प्रभार मे नही रह सकते, Three year medical course प्रैक्टिशनर इन मॉडर्न एंड होलिस्टिक मेडिसिन तत्तकालीन मुख्यमंत्री स्व. श्री अजित जोगी द्वारा शुरुवात किया गया था। जिसे बन्द करानेभाजपा सरकार ने चुनाव पूर्व अपने एजेंडा में शामिल किया था सरकार मे आने के बाद भाजपा ने कोर्स को बंद करवा दिया तब तक इस गैर मान्यता प्राप्त डिप्लोमा कोर्स को लगभग 1300 लोगो ने कर लिया है इनमे से कुछ लोग ग्रामीण चिकित्सा सहायक के पद पर रेगुलर व संविदा में कार्यरत है, माननीय हाई कोर्ट के decision के बाद राज्य शासन ने भी समय समय पर सभी CMHO / BMO को निर्देश दिये है फ़िर भी प्रदेश के कुछ स्वास्थ्य अधिकारी High court के आदेशों की अवमानना कर रहे है. शासन ने CMHO /BMO को पत्र लिख निर्देश दिया है कि R M A असिस्टेन्ट मेडिकल ऑफिसर के पद न लिखे नाम के आगे डॉ शब्द अंकित न करे, तथा स्वतन्त्र रूप से परिक्रिप्शन न लिखे ,निजी प्रैक्टिस न करे इन पर निगरानी रखे इनहे प्रशासनिक और वितीय प्रभार न दे अर्थात त्रिवर्षीय डॉ नही बल्कि डॉ के नीचे सहायक की भूमिका अदा करेंगे। त्रिवर्षीय मेडिकल sciece की कोई डिग्री कोर्स नही है वर्तमान में भाजपा सरकार के बाद से इस कोर्स को बंद कर दिया गया है इसी के तर्ज पर असम मे सन्चालित कोर्स को सुप्रीम कोर्ट ने अमान्य कर दिया है अन्य राज्यों में भी इस तरह के कोई कोर्स संचालित नही किये जाते, है मात्र छत्तीसगढ़ में कांकेर, कटघोरा, कवर्धा, अंबिकापुर, पेंड्रा व जगदलपुर में निजी रूप से कोर्स संचालित किया जाता था। इनका अब पद नाम पूर्व आदेश की तरह रूरल मेडिकल असिस्टेन्ट रहेगा अब ये three year वाले असिस्टेन्ट मेडिकल ऑफिसर पद से नही जाने जाएंगे।।भारत मे सिर्फ Human (मानव) मेडिकल साइंस के अंतर्गत एलोपैथी +,आयुष के MBBS, (Allopathy) B A M S, (आयुर्वेद) B H M S,(होमियोपैथी) BUMS(युनानी चिकित्सा) , BSMS, BDS(दन्त चिकित्सा) , BNYS,( योगा और प्राकृतिक चिकित्सा) BSMS ( सिद्ध) BSRScience ( सोवा रिग्पा) व एनिमल मेडिकल साइंस( पशु चिकित्सा) के अंतर्गत BVSC and AH डिग्री धारी एवम पंजीकृत व्यक्ति ही प्रैक्टिस और नाम के आगे डॉ लिखने हेतु वैधानिक रुप से अधिकृत हैं तथा शासकीय चिकित्सक चिकित्सा अधिकारी की श्रेणी में आते हैं। तथा इन चिकित्सको को राजपत्रित अधिकारी की श्रेणी में रखा गया हैं,, डा खुर्शीद खान धरमजयगढ़।