*कलाकार अपने दुख को दबाकर लोगों का करते है मनोरंजन: ममता चंद्राकर*

*कलाकार अपने दुख को दबाकर लोगों का करते है मनोरंजन: ममता चंद्राकर*

राजिम। माघी पुन्नी मेला के दूसरे दिन पद्मश्री स्वर कोकिला ममता चंद्राकर ने मुक्ताकाश महोत्सव मंच में छत्तीसगढ़ी संस्कृति पर शानदार प्रस्तुती दी। दर्शकों के प्रोत्साहन से अभिभूत श्रीमति चंद्राकर भाव-विभोर हो गई। इस मौके पर मीडिया संेटर में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुखनंदन सिंह राठौर, मीडिया संेटर के संचालक श्रीकान्त साहू, पत्रकार युवराज साहू, रोशन साहू ने बुके भेंटकर उनका सम्मान किया। चर्चा के दौरान पद्मश्री ममता चंद्राकर ने कहा कि कलाकारों का जीवन सहज होता है। वह दुख को अपने अंदर दबाकर लोगों का मनोरंजन करते है। कलाकार कला को आकार देते है। छत्तीसगढ़ की संस्कृति अत्यंत समृद्ध है। यहाॅ के संस्कार, परम्परा एवं रीति-रिवाज पर्व त्योहार पर उभरकर सामने आते है। श्रीमति चंद्रकार ने चर्चा के दौरान आगे बताया कि कोरोना काल ने छोटे-बड़े सभी कलाकारों को परेशान किया है, लेकिन हिम्मत नहीं हारा। नतीजन उत्साह के साथ नये क्लेवर के साथ मंचों पर छत्तीगढ़ की संस्कृति उभर कर सामने आ रही है। उन्होंने राजिम मेला महोत्सव में कलाकारों के लिए जो सुविधाएॅ है उस संतोष जाहिर करते हुए आभार जताया।