*प्रयागराज का सबसे बड़ा शिवलिंग भूतेश्वरनाथ महादेव में उमड़ी भीड़। 

*प्रयागराज का सबसे बड़ा शिवलिंग भूतेश्वरनाथ महादेव में उमड़ी भीड़।
राजिम। प्रयागराज राजिम में महादेव का अनेक शिवलिंग हैं। जिनमें अधिकांश स्वयंभू शिवलिंग हैं। यहां प्रसिद्ध पंचमुखी कुलेश्वरनाथ शिवलिंग के अलावा तट पर मामा-भांचा (पंचेश्वरनाथ महादेव), दानदानेश्वर नाथ महादेव, राजराजेश्वरनाथ महादेव, बाबा गरीबनाथ महादेव, सोमेश्वरनाथ महादेव के साथ ही पांच कोस की दूरी पर पटेवा में पटेश्वरनाथ महादेव, चम्पारण में चम्पेश्वरनाथ महादेव, बम्हनी में ब्रम्हकेश्वरनाथ महादेव, फिंगेश्वर में फनीकेश्वरनाथ महादेव, कोपरा में कर्पूरेश्वरनाथ महादेव के साथ ही मुक्तकाश महोत्सव मंच के दक्षिण में चैदहवीं शताब्दी में निर्मित भूतेश्वरनाथ महादेव का मंदिर विशालता का परिचायक है। गर्भगृह मंे शिवलिंग काले पत्थरों का मौजूद है। नीचे वेदी पर जलहरी देवी विराजमान है। बताया जाता है कि यह शिवलिंग प्रयागराज का सबसे बड़ा शिवलिंग है। महामण्डप छः खम्भों पर टिका हुआ है। गर्भगृह के द्वार पर परिचारिका की मूर्ति के साथ ही बायी ओर खण्डित मूर्ति हैं। इसमें मूर्तिकार ने अपने छीनी हथौड़ी से उत्कृष्ट कला नक्काशी का उदाहरण प्रस्तुत किया है। यह मंदिर नदी तट से लगा हुआ है। जगती तल में चार सीढ़ियां हैं। गर्भगृह के ललाट पर देव आसनारूढ़ हैं। यहां भक्तों की भीड़ हमेशा बनी रहती हैं। दर्शन करने पहुॅंचे विष्णु साहू, पिताम्बर साहू, लोकेश साहू, चम्मन साहू, पुष्पराज, गुमेश ने बताया कि माॅं पूर्णिमा पर प्रतिवर्ष भूतेश्वरनाथ का दर्शन करने के लिए आते हैं। इन्हें प्रणाम करने से आत्मिक शांति का अनुभव होता हैं। श्रद्धालु मोहनीस, रम्भा, सुनिता, सरोज, ममता, हर्षिता, गुंजेश्वरी ने बताया कि भोलेनाथ शीघ्र प्रसन्न होने वाले देव में से एक हैं। वैसे भी गरियाबंद जिला में एक विश्व का विशालतम का शिवलिंग हैं तो दूसरा प्रयागराज में मौजूद हैं। भूतभावन भूतेश्वरनाथ महादेव भक्तों के ऊपर शीघ्र प्रसन्न होते हैं। आज सोमवार के कारण शिव भक्तों का मंदिर में तांता लगा रहा। हर हर महादेव के जयघोष के साथ मंदिर परिसर गूंज उठा।