राजिम :- पिछले कई वर्षों से राजिम जिला की मांग लगातार चल रही है। भेंट मुलाकात कार्यक्रम में पहुंचे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से यहां की जनता ने बार-बार जिला की मांग रखी लेकिन उन्होंने इस मांग को पूरा नहीं किया। इस बार माघी पुन्नी मेला के शुभारंभ में पहुंच रहे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से क्षेत्र के लाखों जनता उम्मीद लगाए हुए हैं कि मांघी पुन्नी मेला के उद्घाटन के साथ ही मुख्यमंत्री राजिम जिले की सौगात दे। गत दिनों एक कार्यक्रम के दौरान भाजपा और कांग्रेस दोनों दल के नेता बड़ी संख्या में उपस्थित थे
जिसमें राजिम जिले की मांग जोर शोर से उठी। दोनों दल के नेताओं ने उनका समर्थन किया। तथा राजिम जिले की मांग पर आवाज बुलंद की। यहां की जनता मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की ओर टकटकी लगाए हुए हैं कि वह राजिम को जिले का दर्जा प्रदान करें। तीर्थ नगरी के रूप में पूरी दुनिया में राजिम की अपनी अलग पहचान है। इसे हरि और हर की नगरी के रूप में जाना जाता है। पूरे विश्व में प्रसिद्ध पंचमुखी कुलेश्वर नाथ महादेव का शिवलिंग सिर्फ प्रयागराज राजिम में ही मौजूद है।

इनका निर्माण रामायण काल में त्रेता युग के समय वनवास के दौरान देवी सीता ने अपने हाथों से रेत के द्वारा किया गया था रामायण काल में रामचंद्र जी ने रामेश्वरम में तथा सीता ने राजिम में शिवलिंग की स्थापना की। भगवान विष्णु राजीव लोचन के रूप में विराजमान है। छठवीं सातवीं शताब्दी के मंदिर पर्यटकों को अपनी आकर्षित करती है। तीन नदियों का संगम तथा अनेक कथा कहानियों से परिपूर्ण इनके महत्व को नकारा नहीं जा सकता। हालाकी राजिम विधानसभा मुख्यालय है लेकिन जिला मुख्यालय की दौड़ में हर बार पीछे होता गया है इस बार मुख्यमंत्री भूपेश बघेल राजिम जिला की सौगात दे। ऐसी मांग तेजी के साथ उभरी हुई है। छोटे बच्चे से लेकर महिला पुरुष एवं युवा वृद्ध सभी राजिम जिले की मांग पर अड़े हुए हैं। भगवान राजीवलोचन और कुलेश्वर नाथ की नगरी को जिला बनाकर भूपेश बघेल पुण्य लाभ ले सकते हैं।

