वितरण केंद्र में बिजली के 17294 उपभोक्ता लेकिन केवल 900 लोगो को ही मिल रहा बिजली बिल हाफ योजना का लाभ,

देवभोग :- क्योंकि 15915 उपभोक्ताओं पर 9 करोड़ 61 लाख बकाया। हजारों की संख्या में मौजूद बिजली उपभोक्ताओं के बीच सीएम बिजली बिल योजना लाभ लेने वालों की संख्या 1 हजार भी नहीं है। ये आंकड़े जितना आपको हैरान कर रहा है उसकी वजह भी उतने ही चौकाने वाले हैं।दरअसल बिजली बिल हाफ योजना के तहत उवभोक्ताओ को प्रति माह निरंतर बिजली बिल का भुगतान करना होता है, जबकि यंहा वर्षो बिल भुगतान नहीं करने की परंपरा चली आ रही है। सरकारी आंकड़े बताते है कि देवभोग वितरण केंद्र में आने वाले 100 गांव में कुल उपभोक्तओं की संख्या 17294 है पर इनमें से 15915 रिकार्ड में डिफाल्टर है, इन पर 9 करोड़ 61 लाख का बकाया है। ऐसा ही हाल माडागांव वितरण केंद्र का है यंहा 8 हजार उपभोक्ताओं से 5 करोड़ की वसूली की जानी है। सहायक अभियंता यशवंत ध्रुव ने बताया कि वसूली के पहले चरण में कामर्सियल बकायादारों के कनेक्शन काट कर वसूली की जा रही है।

आगामी 7 फ़रवरी से घरेलू कनेक्शन धारियों के बकायादारों के कनकेशन काटने का अभियान चलाया जाएगा। बीपीएल वसूली के लिए पंचायतो के माध्यम से मुनादी की जाएगी, फिर उन्हें योजनाओ की जानकारी दी जाएगी। बताया जाएगा कि बिजली बिल हाफ योजना का लाभ उन्हें मिल रहा है जो प्रति माह रेगुलर बिल का भुगतान कर रहे हैं। योजना को लेकर भ्रम इसलिए 7318 ने कभी बिल नही पटाया- प्राप्त जानकारी के मूताबिक देवभोग केंद्र में कुल 14886 बीपीएल कनेक्शन धारी है, जिन पर 7 करोड़ 61 लाख का बकाया है, इनमें से आधा उवभोक्ताओ ने कुछ साल तक बिल भी पटाया पर 7318 तो ऐसे है जिन्होंने पिछले 10 साल में एक बार भी बिल का भुगतान नहीं किया।दरअसल इन्हें सरकार के विभिन्न योजनाओं के तहत निशुल्क कनेक्शन लगवाया गया, योजना के तहत प्रति माह पहले 30 यूनिट फिर बढ़ा कर केवल 100 यूनिट तक निशुल्क बिजली का प्रावधान था, लेकिन एकल बत्ती वाले इस कनेक्शन में रौशनी के साथ भोग विलासता की सारे उपक्रमो का इस्तेमाल किया गया।20 फीसदी तो ऐसे है जो ग्रामीण इलाके में एकल बत्ती कनेक्शन को कामर्सियल इस्तेमाल में भी ले आये।

इससे यूनिट की खपत बढ़ी,बिल भुगतान की मांग भी हुई, चूंकि इन पर सख्ती नही बरता जाना था, इसलिए बकाया का आंकड़ा अब करोड़ो में पहूच गया। बकायादार में 233 सरकारी कनेक्शन भी- बकायादारों की लिस्ट में 233 सरकारी कनेक्शन भी शामिल है जिन पर 27 लाख 63 हजार का बकाया है।इन नामों में ब्लॉक स्तर के अफ़सरो के कार्यालय समेत स्कूल व पँचायत का नाम शामिल है। 1768 घरेलू कनेक्शन है जिनमे 870 पर 11 लाख 42 हजार बकाया है।कामर्सियल कैटेगिरी में 384 कनेक्शन है, जिनमे 139 पर 17 लाख बकाया है, सरकारी कामर्सियल के 24 कनेक्शन पर 7 लाख 74 हजार बकाया।वाटर सप्लाई स्कीम के 20 कनेक्शन पर 26 लाख व गली लाइट के 4 कनेक्शन पर 1लाख 69 हजार बकाया है। खराब बिजली सेवा भी बकाया की वजह बनी- 2016 में जब उपभोक्ताओं की संख्या बढ़ी तो इलाके में लो वोल्टेज की समस्या गहरा गई। 60 के दशक के पुराने लाइन से किसी प्रदेश का यह इकलौता क्षेत्र था जन्हा 130 किमी दूरी से स्टेशन में बिजली आ रही थी, गर्मी में फ्यूज व बरसात में तार टूटने से 50,50 घण्टे का ब्लेक आउट महीने में दो से तीन दिन होना आम बात था।ऐसे में बिजली बिल का उपभोक्ताओं ने बहिष्कार शुरू कर दिया था। जनवरी 2023 से अब इण्दागांव 132 के व्हि स्टेशन से सप्लाई शुरू हुई तो राहत मिलना शुरू हो गया है। इसलिए अब विभाग ने अपील किया है कि हमने तो सेवा सुधार लिया अब उपभोक्ता भी बिल भुगतान कर जिम्मेदार नागरिक होंने का परिचय दे।