नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाओं के साथ पत्रकार एकता महासंघ के सभी साथियों का हार्दिक अभिनंदन एवं स्वागत 2023 कई मामले में अहम साबित होगा ।

राजिम :- नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाओं के साथ पत्रकार एकता महासंघ के सभी साथियों का हार्दिक अभिनंदन एवं स्वागत 2023 कई मामले में अहम साबित होगा इसी साल विधानसभा चुनाव प्रस्तावित है छत्तीसगढ़ में सत्तासीन कांग्रेस ने 2018 में विधानसभा चुनाव में चुनावी घोषणा पत्र में पत्रकार सुरक्षा कानून की बात किया था जैसे ही हमारी सरकार बनेगी तत्काल इस कानून पर अमल किया जाएगा लेकिन छत्तीसगढ़ में यह क्या हो रहा है पत्रकारों की आवाज को दवाई जा रही है साम दाम दंड भेद की तर्ज पर मीडिया कर्मियों का गला घोट जा रहा है जो भ्रष्टाचार या शासन के विरुद्ध जा रहा है उन्हें जबरदस्ती फर्जी मुकदमों में फसाया जा रहा है छत्तीसगढ़ में पत्रकार और पत्रकारिता खतरे में है लेकिन चंद लोग स्वार्थ वश चाटुकारिता की भूमिका में सरकार की महिमा का गुणगान कर रहे हैं कई बड़े मामले जिस पर पत्रकारों को मुखर होना चाहिए महिमामंडन करते हुए नजर आ रहे हैं जगह जगह जमीन की मांग सरकार द्वारा देने की पेशकश मतलब खाओ और खाने दो जो व्यक्ति किसी के एहसान से दबा हो वह क्या सरकार से खिलाफत करेगा इसी तरह दर्जनों पत्रकारों पर फर्जी मुकदमे इस सरकार के द्वारा दर्ज किए गए हैं छत्तीसगढ़ में सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों की जमकर धज्जियां उड़ाई जा रही है सुप्रीम कोर्ट का स्पष्ट निर्देश है कि पत्रकारों पर झूठे मामले दर्ज होने पर संबंधित राज्य के डीजीपी जिम्मेदार होंगे लेकिन यहां तो एफ आई आर दर्ज होने के बाद एसपी का को भी जानकारी नहीं हो पा रही है 4 वर्ष सरकार पूरा कर चुकी है चुनावी वर्ष में प्रवेश कर चुकी है चुनावी शिगूफा की तर्ज पर पत्रकारों को लॉलीपॉप प्रदान किया गया है उसके बाद भी अखबार से जुड़े हुए लोग चुप्पी साध ली है यह भी बेहद का आश्चर्य का विषय है छत्तीसगढ़ में हजारों करोड़ों के कोल आवंटन घोटाला नरवा गरवा घुरवा में करोड़ों का भ्रष्टाचार विभागीय योजनाओं में माल सुतो अभियान की तर्ज पर भ्रष्टाचार को अंजाम दिया जा रहा है छत्तीसगढ़ में भेंट मुलाकात का क्रम जारी है हाल ही में बेमेतरा में भेंट मुलाकात कार्यक्रम का आयोजन किया गया जहां इंजीनियरिंग के छात्र किशन अग्रवाल ने शैक्षणिक चीजों में आरक्षण संबंधी सवाल पूछा जिस पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने उन्हें पागल तक करार दिया एवं तेरे बाप ने कभी मुख्यमंत्री से बात किया है उस युवक का बाप तो पहले से ही इस दुनिया में नहीं है ऐसे शब्दों का प्रयोग किया मुखिया को यह सब शोभा नहीं देता कोई भी व्यक्ति अपनी बात रख सकता है जवाब नहीं है तो जवाब नहीं दिया जा सकता लेकिन किसी पर दबाव भी नहीं बनाया जा सकता चुनावी वर्ष में आप पत्रकार सुरक्षा कानून की कल्पना ही कर सकते हैं जिस राज्य में वरिष्ठ पत्रकार राज्य सरकार के सलाहकार हो कैबिनेट का मंत्री हो उसके बाद भी पत्रकारों पर लगातार उत्पीड़न हो रहे हैं यह बड़ा दुख एवं आश्चर्य का विषय है नए वर्ष 2023 में मीडिया से जुड़े हुए भाइयों से आग्रह है कि वह पत्रकारिता बिना किसी प्रलोभन दबाव के निष्पक्ष रूप से करें अन्यथा पत्रकारों को भी लोग पॉलिटिक्स पार्टी की तरह देखेंगे नव वर्ष की हार्दिक हार्दिक शुभकामनाएं हेमंत वर्मा प्रदेश अध्यक्ष पत्रकार एकता महासंघ छत्तीसगढ़ ।