मंच को सादर नमन।।। विषय-रामकृष्ण परमहंस।।।

दिन-गुरुवार
दिनांक-18/02/2021
आज की विधा-कविता

 


संत योद्धा और महान ज्ञानी
सुंदर संदेशों का था जिनमें
अदभूत भंडार सभी धर्मों का
वे करते थे बहुत ही सम्मान।

पथ के उनकेे बने अनुगामी
तो जीवन यह हो जाये धन्य
18 फरवरी 1836 को इस
धरा पर जिसने लिया अवतार।

भारत के वे थे गहन विचारक
कठोर साधना और भक्ति का
जिसने बिताया जीवन चढाये
आज उन्हें अपनी श्रद्धा सुमन।

राम और कृष्ण के गुणों का
का था उनमे अदभूत ही संगम
नाम था रामकृष्ण परमहंस हम
सब करे पुण्य आत्मा को नमन।

कर्म क्षेत्र में बढ़ने को भक्ति को
जिसने आधार बताया हिन्दू धर्म
की श्रेष्ठता का किया आजीवन
प्रचार जीवन था उनका अनुपम।

गरीबों की सेवा को ही ईश्वर की
सेवा का उसने सार्थक नाम दिया
लोगों के नैतिक उत्थान आत्म-
सम्मान देशसेवा का काम किया।

विश्वचेतना औऱ मानवतावाद में
रखते थे विश्वास सत्संग स्वाध्याय
आध्यात्मिक साधनों पर दिये बल
ऐसे युगपुरुष को हम करें नमन।।
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प्रेषक,
कवयित्री
सरोज कंसारी
नवापारा राजिम
जिला-रायपुर(छ.ग.)

 

 

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