*छत्तीसगढ़ के किसानों ने कैंडल मार्च में लिया हिस्सा*

*पुलवामा के शहीदों को दी श्रद्धांजलि*

*छत्तीसगढ़ के किसानों ने कैंडल मार्च में लिया हिस्सा*

केन्द्र सरकार द्वारा पारित तीनों कृषि कानून को रद्द करने और न्यूनतम समर्थन मूल्य गारंटी कानून लागू करने की मांग को लेकर दिल्ली सीमाओं पर जारी किसान आंदोलन के 82वें दिन 14 फरवरी को कैंडल मार्च निकालकर पुलवामा के शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई।

छत्तीसगढ़ के किसान जो लगातर आंदोलन में शामिल हैं उन्होंने सिंघु बार्डर में आयोजित कैंडल मार्च में भाग लेकर पुलवामा के शहीदों को श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर अखिल भारतीय क्रांतिकारी किसान सभा के सचिव और छत्तीसगढ़ किसान मजदूर महासंघ के संयोजक मंडल सदस्य तेजराम विद्रोही ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने पुलवामा घटना पर घृणित राजनीति कर वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल करते हुए दूसरी बार सत्ता हासिल किया है। यह अर्णब गोस्वामी के उस कथित वाट्स एप्प चैट से उजागर हो चुकी है जिसे लेकर भाजपा और उनके अनुवांशिक संगठने मौन साध रखे हैं। हद तो तब हो गई है जब केन्द्र सरकार पुलवामा हमले के ऊपर जश्न मनाने वालों व घटना के जिम्मेदारों को गिरफ्तार करने के बजाय आंदोलनकारी किसानों के खिलाफ राष्ट्रीय जांच एजेंसी लगाकर उन्हें प्रताड़ित कर रहा है। जो किसान सारी दुनिया का पेट पालता है उन किसानों से पूछा जा रहा है कि आंदोलन में राशन की आपूर्ति कहां से हो रही है जो बेहद ही निंदनीय है। कैंडल मार्च में प्रेमदास, वशिष्ठ, नवज्योति, साहेब सिंह, अजेब सिंह, बलजीत आदि सम्मिलत रहे।