जलसंसाधन उपसंभाग फिगेश्वर का मामला….
जोगीडिपा डेम से ठेकेदार मुरूम का अवैध खुदाई करवाकर करा रहे है सैकड़ों ट्रिप परिवहन
अवैध खनन और परिवहन पर होगी कड़ी कार्यवाही:खनिज विभाग
जलसंसाधन उपसंभाग फिगेश्वर इन दिनों अपने अलग अलग विचित्र कारनामों को लेकर सुर्खियों में है।
एक ऐसा ही मामला सिंचाई विभाग फिगेश्वर के अन्तर्गत जोगीडिपा जलाशय और नहर लाइनिंग कार्य का है।जन्हा एक बार फिर विभाग और ठेकेदार की मनमानी उजागर हो रही है। जोगीडिपा जलाशय बांध के नवनीकरन और नहर लाइनिंग सहित विभिन्न कार्यों के लिए शासन द्वारा करोड़ों रुपए की राशि स्वीकृत किए है लेकिन विभाग के जिम्मेदार और ठेकेदार मिलकर यन्हा भी थुंक पालिस करने से बाज नहीं आ रहे है।जिम्मेदार किसान हितैसी कार्यों में जमकर लापरवाही बरत रहे है।ऐसा प्रतीत होता है कि इन लापरवाह और ज़िम्मेदारो को किसी भी कानून और नियमो का तनिक भी भय नहीं है।जिसके कारण जलसंसाधन विभाग फिगेश्वर लगातार लापरवाही का गढ़ बनता जा रहा है।
जोगीडिपा डेम से ठेकेदार मुरूम का अवैध खुदाई करवाकर करा रहे है सैकड़ों ट्रिप परिवहन
आपको बता दे की जोगीडिपा बांध के मेड व उससे लगे नहर में मुरूम का कार्य होना है।जिसके लिए ठेकेदार को मुरूम की जरूरत पड़ी तो सारे नियमो को ताक में रखकर दिनदहाड़े डेम के अंदर से मुरूम खुदाई कर सैकड़ों ट्रिप अवैध रूप से परिवहन करा रहा है।इस मामले को लेकर जब हमारी खबर गंगा की टीम पड़ताल करने पहुंचा तो ठेकेदार के नुमाइंदे उल्टे पत्रकारों पर बिफर गए और रौबदार बात करते हुए कहने लगे की ये मेरा काम है और मेरे काम में मेरे अनुमति से यहा आकर फोटो नहीं खींच सकते।अवैध खनन में संलिप्त ठेकेदार के नुमाइंदे उल्टा ही पत्रकारों को नियम कायदों का पाठ पढ़ाने लग गए। यहा तक राजनीतिक क्षेत्र से जुड़े लोगों से फोन लगवाकर मामले को रफा दफा करवाने की कोशिश से भी बाज नहीं आए।ठेकेदार द्वारा बांध के उलट के एक बड़े क्षेत्र को अवैध रूप से खुदाई करवाकर और परिवहन कर शासन को लाखो रुपए की राजस्व की क्षति पहुंचा रहा है।ठेकेदार द्वारा अधिक पैसे कमाने व कमिशन के चक्कर में बेरोकटोक मुरूम की अवैध खुदाई व परिवहन जारी है।
“मेरे जानकारी में नहीं है।अगर बिना विभाग की अनुमति से मुरूम की खुदाई व परिवहन हो रहा है तो इसकी जांच कर उचित कार्यवाही किया जाएगा”
मृदुवल गुहा ,खनिज निरीक्षक ,खनिज विभाग गरियाबंद
