तीनों कृषि बाजार कानून नाजायज और असवैंधानिक हैं – राकेशतिवारी

तीनों कृषि बाजार कानून नाजायज और असवैंधानिक हैं – राकेशतिवारी

फिगेश्वर 31 जनवरी 2021
केंद्र सरकार द्वारा लाए गए तीन विवादित कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग कर रहे हैं,इन कानूनों की जरिए एमपीएमसी मंडियों और न्यूनतम समर्थन मूल्य खत्म करना चाह रही है,जिसके चलते उन्हें ट्रेडर्स और बड़े कार्पोरेट्स के रहम पर जीना पड़ेगा,उक्त बातें किसान काॅग्रेसी नेता और वरिष्ठ अधिवक्ता राकेश तिवारी ने कही है साथ ही कहा कि ये तीनों कृषि बाजार कानून किसानों को कोई कानूनी सुरक्षा प्रदान नहीं करते हैं,किसान संगठन अपनी वाजिब मांगों को लेकर प्रतिबद्ध हैं कि सरकार को हर हालत में इन कानूनों को वापस लेना होगा, लेकिन इस संबंध में सरकार और किसानों के बीच बातचीत के कई दौर चले पर अभी तक कोई नतीजा नहीं निकला है।उन्होंने ने कहा कि भारतीय संविधान के तहत कृषि राज्य का विषय है,केंद्र द्वारा इन कानूनों को बनाना असवैंधानिक है,ये मौजूदा कृषि संकट को और गहरा देगा,इन कानूनों को रद्द किया जाना चाहिए।इन विवादित कृषि बाजार कानूनों को केंद्र सरकार द्वारा किसान उपज व्यापार एवं वाणिज्य (संवर्धन व सुविधा) विधेयक 2020 किसान (सशक्तिकरण व संरक्षण) मूल्य आश्वासन अनुबंध एवं कृषि सेवाएं विधेयक 2020 और आवश्यक वस्तु (संशोधन) विधेयक 2020 को बीते 27 सितम्बर को राष्ट्रपति ने मंजूरी दे दी थी,जिसके विरोध में किसान प्रदर्शन कर रहे हैं,सरकार समझ रही थी कि यदि करोना काल में वो इन कानूनों को लाती है तो मजदूर और किसान विरोध के लिए संगठित नहीं हो पाएंगे लेकिन सरकार का यह आंकलन गलत साबित हुआ।सरकार को अब चाहिए अपनी हठधर्मिता छोड़ दें।