गरियाबंद पुलिस द्वारा किया गया राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह का शुभारंभ
यामिनी चंद्राकर ब्यूरो चीफ खबर गंगा गरियाबंद
गरियाबंद:-जैसा कि आप सभी जानते है आज के युग में हर एक इंसान को अपने लक्ष्य और मंजिल तक पहुंचने कि बहुत अधिक जल्दी होती है,इस जल्दबाजी में वह भूल जाता है कि सड़क पर चलते समय सरकार द्वारा बनाये गए नियमों का पालन करना अत्याधिक आवश्यक है। चाहे वह सड़क पर वाहन का प्रयोग कर रहा हो या वह व्यक्ति पैदल चल रहा हो उसे भी ट्रैफिक नियम का पालन करना चाहिए। लेकिन ऐसा नहीं होता और वह सङक सुरक्षा नियमो का उलंघन कर जाते है। जिसके चलते सड़क हादसों का शिकार हो जाते है। जिसकी भरपाई उन्हे स्वम यातायात नियमों का उलंघन करते हुए सड़क हादसों, छोटी या बड़ी चोटें यहां तक की अपनी मृत्यु के द्वारा करनी पड़ती है। बताना लाजमी होगा किआज दिनांक 18.01.2021 को भारत सरकार सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, नई दिल्ली के निर्देशानुसार पुलिस मुख्यालय के आदेशानुसार श्री भोजराम पटेल पुलिस अधीक्षक गरियाबंद के अध्यक्षता में जिले में ‘‘राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह’’ वर्ष 2021 का शुभारंभ बस स्टेण्ड गरियाबंद में मुख्य अतिथि श्री नीलेश क्षीरसागर, कलेक्टर जिला गरियाबंद एवं विशिष्ठ अतिथि अब्दुल गफ्फार मेमन अध्यक्ष नगर पालिका गरियाबंद, श्री रविकांत वर्मा मुख्यकार्य पालन अधिकारी जिला पंचायत गरियाबंद, श्री आयुष जैन उप संचालक उदंती अभ्यारण, श्री संतोष महतो अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गरियाबंद, श्री टी.आर. कंवर उप पुलिस अधीक्षक गरियाबंद, श्रीमती मिलेश्वरी साहू पूर्व अध्यक्ष नगर पालिका परिषद गरियाबंद, श्रीमती ममता राठौर पूर्व अध्यक्ष नगर पंचायत गरियाबंद की गरिमामय उपस्थिति में मां भारती की छाया चित्र पर दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। मुख्य अतिथि श्री नीलेश क्षीरसागर कलेक्टर जिला गरियाबंद के द्वारा अपने उद्बोधन में कार्यक्रम में उपस्थित आम नागरिकों व छात्र-छात्राओं को यातायात नियमों का पालन करने हेतु अपील किया तथा शराब सेवन कर व मोटर सायकल पर तीन सवारी बैठकर वाहन चालन न करने, हेलमेट पहन कर वाहन चालन करने, गरियाबंद शहर में 02 बाईपास रोड़ बनने की स्वीकृती होने तथा शाम 05 बजे से 08 बजे के बीच अधिकतम सड़क दुर्घटनाएं होना बताया गया।जिसके पश्चात् श्री भोजराम पटेल पुलिस अधीक्षक गरियाबंद के द्वारा सड़क दुर्घटनाओं में क्षति से मिलने वाले आर्थिक सहायता राशि के बारे में, सभी लोगो को सड़क दुर्घटनाओं से बचने के लिए नियंत्रित वाहन चालन करने तथा स्वयं के जीवन व दूसरो के जीवन को संकट में न डालने की अपील किया गया साथ ही सड़क दुर्घटनाओं में घायल व्यक्ति की मदद कर अधिक से अधिक गुड सेमेरिटन बनने तथा वाहन को अपने परिवार का हिस्सा मानने की बात कही। इसी क्रम में श्री रविकांत वर्मा मुख्यकार्य पालन अधिकारी जिला पंचायत गरियाबंद के द्वारा यातायात नियमों का पालन व अपने जीवन की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए साल भर यातायात नियमों का पालन करने हेतु बताया गया और अब्दुल गफ्फार मेमन, अध्यक्ष, नगर पालिका परिषद गरियाबंद के द्वारा शहर में गणमान्य नागरिक एवं व्यापारियां से अपील किया कि नगर मे यातायात व्यवस्था बनाये रखने हेतु अपने दुकानां के सामने वाहनों को व्यवस्थित ढंग से रखने हेतु अनुरोध किया गया।श्री संतोष महतो अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के द्वारा जिला गरियाबंद में होने वाले सड़क दुर्घटनाओं का विस्तृत जानकारी दिया गया जिसमें गरियाबंद में अधिकांश मृत्यु ओव्हर स्पीड, बिना हेलमेट व शराब पीकर वाहन चालन करने से हुई है जिला में 67 लोगो की मौत सिर में गंभीर चोंट लगने से हुई है अगर ये लोग हेलमेट पहने रहते तो इनकी जान बच जाती। इसके पश्चात राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के संबंध मे यातायात प्रभारी श्री उमेश कुमार राय द्वारा जिला गरियाबंद में घटित सड़क दुर्घटनाओं का विश्लेषण जिसमें वर्ष 2020 में कुल 255 सड़क दुर्घटनाओं में 98 मृत्यु तथा 316 घायल होने पर चिंता व्यक्त करते हुए आगामी सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाये जाने हेतु राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के दौरान तिथिवार कार्यक्रम जैसे जन-जागरूकता अभियान, नेत्र परीक्षण तथा यातायात संबंधी प्रतियोगिता, चित्रकला व ब्लैक स्पॉट/दुर्घटनाजन्य स्थल का निरीक्षण किया जाना इस प्रकार पुरे माह के दौरान होने वाले कार्यक्रम का रूप रेखा प्रस्तुत किया गया। सड़क सुरक्षा माह के दौरान आम नागरिकों के द्वारा यातायात के संबंध में किसी प्रकार का कोई पहल किया जाता है तो उसे प्रशासन द्वारा सम्मानित किया जावेगा वहीं सभी आम लोगो को यातायात नियमों का पालन कर राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह को सफल बनाने हेतु पुलिस विभाग की सहायता करने की अपील किया गया। कलेक्टर, एसपी के द्वारा हेलमेट धारण करने हेतु आम लोगो को प्रेरित करने के लिए हेलमेट जागरूकता रैली को हरी झंड़ी दिखा गया। इस कार्यक्रम में व्यापारी संघ के अध्यक्ष तथा पार्षदगण व विभिन्न स्कूल/कालेज के छात्र-छात्राएं, आम नागरिक तथा पुलिस विभाग के अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित रहे।
*सड़क सुरक्षा माह अभियान का आयोजन इसलिये हैं आवश्यक:श्री पटेल*
गरियाबंद पुलिस कप्तान श्री पटेल ने हमारे प्रतिनिधि से लंबी चर्चा करते हुये कहा कि भारतीय उपमहाद्वीप में लोगों को राष्ट्रीय सड़कों की सुरक्षा के बारे में लोगों को जागरुक करने के लिए सड़क सुरक्षा अभियान का आयोजन आईएसएस भारत, एचएसई (स्वास्थ्य, सुरक्षा और वातावरण) द्वारा की गई पहल है। आईएसएस भारत ने देश में जनवरी के हफ्ते में पूरे सप्ताह के दौरान सड़क सुरक्षा सप्ताह को मनाने की घोषणा की गई थी।लेकिन उसमें लोगो को समझ नही आ पाया फिर उसके बाद राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा पखवाड़ा चलाया गया जो 15 दिवस का होता था फिर उसी का नाम बदलकर राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह चलाया जाता है जो पूरे माह चलता हैं,इस अभियान का आयोजन करने का लक्ष्य सड़क सुरक्षा के लिए सिर्फ साधारण नियमों का पालन करने के द्वारा सुरक्षित सड़क यात्रा पर जोर देना हैं।
आंकड़ों के अनुसार यह दर्ज किया गया है कि,संपूर्ण भारत वर्ष में हर साल लगभग एक लाख से अधिक लोग सड़क दुर्घटनाओं में मारे जाते हैं, या उनमें से कुछ मानसिक आघात,याददाश्त में कमी,हाथ या पैर की हानि,पूरे जीवन भर के लिए परेशानी वाली समस्याओं से पीड़ित हो जाते हैं। इस तरह की स्थितियों के कारण, विशेषरुप से भारत में सड़क सुरक्षा के उपायों का महत्व और आवश्यकता बढ़ जाती है। भारत में सड़क पर यात्रा करने वालों की बहुत बड़ी जनसंख्या है, जैसे- दुपहिया वाहन,चार पैरों वाले वाहन आदि,इसलिए उन्हें और भी अधिक सड़क सुरक्षा के बारे में जानना चाहिए।
इसके लिए विभिन्न हितकारकों जैसे- समुदायों, परिवहन क्षेत्र, बीमा क्षेत्रों, स्वास्थ्य क्षेत्रों, पुलिस, वैधानिक क्षेत्र, शैक्षणिक क्षेत्र, राजमार्ग के निर्माता अभियंता (इंजीनियर) वाहन निर्माता, सार्वजनिक एजेंसियाँ, गैर सरकारी संगठन आदि के प्रयासों की भी आवश्यकता है। सड़क सुरक्षा में भाग लेने के लिए विद्यार्थियों को बड़ा अवसर दिया जाता है, कुछ परिवर्तन लाने के लिए, देश के युवाओं सबसे पहले समझना चाहिए।
*वैश्विक स्तर पर सड़क दुर्घटनाओं में प्रतिवर्ष 1.35 मिलियन से अधिक मौतें होती हैं: श्री पटेल*
गरियाबंद पुलिस कप्तान श्री पटेल का मानना है कि अर्थव्यवस्था की गति को रफ्तार देती सड़कें देश के विकास एजेंडे में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। सड़कें उत्पादकों को बाज़ार से, श्रमिकों को नौकरियों से, छात्रों को स्कूल से और बीमारों को अस्पताल से जोड़ती हैं। हालाँकि सड़कें विकास में केवल तभी योगदान दे सकती हैं जब वे यात्रियों के लिये सुरक्षित हों। बीते वर्ष विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने वैश्विक सड़क सुरक्षा सप्ताह के दौरान एक रिपोर्ट प्रस्तुत की थी जिसके अनुसार वैश्विक स्तर पर सड़क दुर्घटनाओं में प्रतिवर्ष 1.35 मिलियन से अधिक मौतें होती हैं एवं 50 मिलियन से अधिक लोगों को गंभीर शारीरिक चोटें आती हैं। देश के विकास में मानव पूंजी के महत्त्व को देखते हुए उक्त आँकड़ा गंभीर चिंता का विषय है। आवश्यक है कि सड़क सुरक्षा से संबंधित विभिन्न पहलुओं का विश्लेषण करते हुए इस संदर्भ में आवश्यक उपायों की खोज की जाए।श्री पटेल की माने तो सड़क दुर्घटना और भारत में सड़कों पर होने वाली दुर्घटनाएँ भारत के लिये एक महत्त्वपूर्ण चुनौती बनी हुई है। विश्व सड़क सांख्यिकी- 2018 के अनुसार, विश्व के 199 देशों में सड़क दुर्घटना से होने वाली मौतों की संख्या में भारत पहले स्थान पर था।
सड़क सुरक्षा पर विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट के अनुसार, विश्व में सड़क दुर्घटनाओं के कारण होने वाली कुल मौतों में से 11 प्रतिशत भारत में होती हैं। भारत के सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में वर्ष 2018 में आधिकारिक तौर पर 4,67,044 सड़क दुर्घटनाएँ दर्ज की गईं हैं।
सड़क सुरक्षा पर वैश्विक स्थिति रिपोर्ट- 2018 के अनुसार, विश्व भर में सड़क दुर्घटनाओं के कारण प्रत्येक 23 सेकंड में एक व्यक्ति की मृत्यु होती है।
सड़क दुर्घटनाओं के कारण भारत को होने वाले नुकसान को लेकर विश्व बैंक के नवीनतम आकलन के अनुसार, 18-45 आयु वर्ग के सड़क उपयोगकर्त्ताओं की दुर्घटनाओं में होने वाली मृत्यु दर सर्वाधिक 69 प्रतिशत है।
इसके अलावा 54 प्रतिशत मौतें और गंभीर चोटें मुख्य रूप से संवेदनशील वर्गों जैसे- पैदल यात्री, साइकिल चालक और दोपहिया वाहन सवार आदि में देखी जाती हैं।
भारत में 5-29 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों और युवा वयस्कों में सड़क दुर्घटना मृत्यु का सबसे बड़ा कारण है। वर्ष 2017 में तमिलनाडु में सबसे अधिक सड़क दुर्घटनाएँ दर्ज की गई थीं, किंतु सड़क दुर्घटना में मारे गए लोगों की संख्या उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक थी।
*सड़क पर चल रहे हैं तो इन बातों का रखें विशेष ध्यान :श्री पटेल*
श्री पटेल ने बताया कि सड़क पर चलने वाले सभी को अपने बाँये तरफ होके चलना चाहिये, खासतौर से चालक को और दूसरी तरफ से आ रहे वाहन को जाने देना चाहिये।,
चालक को सड़क पर गाड़ी घुमाते समय गति धीमी रखनी चाहिये।
अधिक व्यस्त सड़कों और रोड जंक्शन पर चलते समय ज्यादा सावधानी बरतें।,
दोपहिया वाहन चालकों को अच्छी गुणवत्ता वाले हेलमेट पहनने चाहिये नहीं तो उन्हें बिना हेलमेट के रोड पर नहीं आना चाहिये।
गाड़ी की गति निर्धारित सीमा तक ही रखें खासतौर से स्कूल, हॉस्पिटल, कॉलोनी आदि क्षेत्रों में।
सभी वाहनों को दूसरे वाहनों से निश्चित दूरी बनाकर रखनी चाहिये।
सड़कों पर चलने वाले सभी लोगों को रोड पर बने निशान और नियमों की अच्छे से जानकारी हो।
यात्रा के दौरान सड़क सुरक्षा के नियम-कानूनों को दिमाग में रखें धन्यवाद
