नियमतिकरण की मांग को लेकर सचिव और रोजगार सहायकों की हड़ताल दसवें दिन भी जारी, प्रदेश कार के उदासीन रवैये से हड़ताली नाराज़…

ईश्वर सोनी, बीजापुर जिले के भोपालपट्टनम ब्लाक में नियमतिकरण को लेकर सचिवों की हड़ताल दसवें दिन भी जारी रही वंही रोजगार सहायक भी अपनी नियमतिकरण एंव वेतनमान निर्धारण को लेकर छठवें दिन भी हड़ताल में बैठे रहे
हड़ताली कर्मचारियों में कई महिला सचिव एंव रोजगार सहायक भी अपनी सहभागिता निभाते नजर आए और सरकार के उदासीन रवैये से काफी नाराज नजर आए. भद्रकाली पंचायत के सचिव अप्पाजी सहित अन्य सचिवों ने बताया की पदस्थापना के बाद से ही हम लोग शासकीयकरण का सपना सँजोये बैठे है और हमारे सामने ही अन्य विभाग के कई कर्मचारी अपने नियमतिकरण सहित अन्य मांगों को शासन से मंगवाने में सफल रहे परन्तु भाजपा सरकार के बाद कांग्रेस सरकार में भी सचिवों को लेकर सरकार का रवैय्या उदासीन रहा है और आज तक हमारी एक मांग भी पूरी नही हुई है लेकिन इस बार हम पीछे नही हटेंगे ओर सरकार से अपनी मांगों को पूरा करा कर ही वापस काम पर आयेंगे

सचिव और रोजगार सहायकों की हड़ताल से ग्राम पंचायतों में मनरेगा सहित अन्य काम पर पड़ा असर

ग्राम पंचायतों में सचिव एंव रोजगार सहायकों की हड़ताल का असर पड़ता नजर आ रहा है एक ओर जंहा ग्राम पंचायतों में सचिवों के बिना शासकीय योजनाओं का क्रियान्वयन असम्भव नजर आ रहा है वंही कई गांवों में मनरेगा कार्य , वृद्धा पेंशन , प्रधानमंत्री आवास योजना सहित कई कार्य भी प्रभावित होते नजर आ रहे है अगर हड़ताल इसी तरह जारी रही तो क्षेत्र में ग्रामीणों को रोजगार की समस्या का सामना करना पड़ सकता है और रोजगार को लेकर ग्रामीण एक बार फिर पड़ोसी राज्य तेलंगाना की ओर चल पड़े इससे इनकार नही किया जा सकता.

सचिवों और रोजगार सहायकों की हड़ताल को लेकर जनपद पँचायत भोपालपट्टनम के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मनोज बंजारे ने भी माना कि ग्राम पंचायतों में हड़ताल से मनरेगा सहित अन्य कार्ययोजना 30% से 40 % प्रभावित हो रही है और सरपंच सहित अन्य कर्मचारियों से कार्यो को पूरा करने की कोशिश की जा रही है ताकि ग्रामीणों के सांमने रोजगार की समस्या उत्तपन्न न हो और विकास कार्य जारी रहे.