रायपुर। डंगनिया खदान बस्ती में कई वर्षों से निवास कर रहे निवासियों ने मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के नेतृत्व मे धरना दिया। धरने मे सैकड़ो की तादाद मे महिलाओं व पुरूषों ने भाग लिया और उन्होंने राज्य सरकार से आवासीय पट्टे शीघ्र देने की मांग की। साथ मे सफाई व सड़क बनाने की भी मांग की। धरने मे धर्मराज महापात्र, एस सी भट्टाचार्य, प्रदीप गभने, शीतल पटेल, मनोज देवांगन, मारूति डोंगरे, साजिद रजा, कृष्ण कुमार साहू, भावेश साहू, राकेश लोधी, भाऊराम वर्मा, गोदावरी, सुरती, माया, ज्वाला प्रसाद, गनेसिया, सुरेश देवांगन, दिलीप, पुनउरा, तिलक देवांगन, उमा, राधा धीवर, कांतीबाई आदि सहित सैकड़ों लोग शामिल हुए।

डंगनिया खदान बस्ती में 900 परिवार रहते हैं, जो पट्टे की मांग पर धरना दे रहे थे। यह बस्ती ठाकुर प्यारेलाल वार्ड के अंतर्गत आती है। यहां के रहवासियों का कहना है कि 15 फीट गहराई को पाटकर हमने मकान बनाया था। पिछले विधानसभा चुनाव के समय वादा किया गया था कि कांग्रेस की सरकार बनवाओगे, तो जो जहां है, वही पक्का मकान बनवाकर देंगे। हमने कांग्रेस की सरकार बनवा दी, लेकिन अब वह पट्टे देने से मुकर रही है और हमें विस्थापित कर इस जमीन का व्यावसायिक उपयोग करना चाहती है। लोगों का कहना है कि हमें इसी स्थान पर रहना है और यही आवास और पट्टा दिया जाए। प्रदर्शनकारियों के नेतृत्व कर रहे माकपा जिला समिति के सदस्य शीतल पटेल और मनोज देवांगन ने कांग्रेस और निगम सरकार पर अपने वायदे से पलटने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि बस्ती के लोगों को किसी भी हालत में विस्थापन स्वीकार नहीं है। भाजपा कोशिश करते हुए सत्ता से हाथ धो बैठी, अब चाहे तो कांग्रेस भी जोर-आजमाइश कर लें।

उल्लेखनीय है कि घनी आबादी वाली यह बस्ती रायपुर पश्चिम विधान सभा में आती है। इस विधान सभा क्षेत्र और इसके अंतर्गत ठाकुर प्यारेलाल वार्ड से कांग्रेस ही प्रतिनिधित्व करती है। यहां की समस्याओं से वह मुंह नहीं मोड़ सकती। वर्षों से खदान बस्ती के निवासी पट्टे की मांग कर रहे हैं और अब धैर्य चुकने पर सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर हैं। माकपा नेता शीतल पटेल ने आंदोलन को तेज करने की चेतावनी दी है।
