परिवार को मिला अतिरिक्त रोजगार का सहारा
महासमुंद – प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की 25 वर्षों की सार्वजनिक सेवा यात्रा में गांव, गरीब, किसान और वंचित परिवारों के आर्थिक सशक्तिकरण को निरंतर प्राथमिकता मिली है। केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को स्वरोजगार से जोड़कर उनकी आय के नए स्रोत विकसित करना है। इसी दिशा में पशुधन विकास विभाग द्वारा संचालित बैकयार्ड कुक्कुट वितरण योजना ग्रामीण परिवारों के लिए अतिरिक्त आय और रोजगार का माध्यम बन रही है। महासमुंद जिले के विकासखंड बसना के ग्राम बाराडोली निवासी नवीन गिरी ने योजना का लाभ लेकर कुक्कुट पालन को आय के अतिरिक्त साधन के रूप में अपनाया है। योजना से जुड़ने से पहले नवीन गिरी के पास आय का कोई अतिरिक्त साधन नहीं था। पशुधन विकास विभाग द्वारा बैकयार्ड कुक्कुट वितरण योजना की जानकारी दिए जाने के बाद उन्होंने योजना के लिए आवेदन किया। स्वीकृति मिलने पर वर्ष 2025-26 में उन्हें ग्रामप्रिया एवं वनराजा नस्ल के 28 दिवसीय 45 नग चूजे उपलब्ध कराए गए। विभाग के मार्गदर्शन में उन्होंने इन चूजों का पालन-पोषण शुरू किया और धीरे-धीरे कुक्कुट पालन उनके परिवार की आर्थिक गतिविधि का हिस्सा बन गया। कुक्कुट पालन से तैयार मुर्गियों को स्थानीय स्तर पर लगभग 350 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बेचकर श्री गिरी आर्थिक लाभ अर्जित कर रहे हैं। इससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और आय का एक नया स्रोत विकसित हुआ है।
श्री गिरी बताते हैं कि बैकयार्ड कुक्कुट पालन के माध्यम से कम लागत में घर के आसपास ही आय अर्जित करने का अवसर मिला है। पहले जहां परिवार के पास अतिरिक्त आय का कोई साधन नहीं था, वहीं अब कुक्कुट पालन से प्राप्त आमदनी घरेलू जरूरतों को पूरा करने में सहायक बन रही है। योजना से परिवार की महिलाओं को भी कुक्कुट पालन एवं देखरेख के कार्य में जुड़कर अतिरिक्त रोजगार और आर्थिक भागीदारी का अवसर मिला है।
