कलेक्टर श्री शर्मा ने बडे़ गोबरा स्थित आदिवासी बालक आश्रम के छात्रों से की चर्चा
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का कलेक्टर ने किया निरीक्षण, फसल एवं जन-धन क्षति का सर्वे जल्द कराने के निर्देश
कलेक्टर ने किसानों के खेतों में जाकर डिजिटल क्रॉप सर्वे का किया निरीक्षण
गरियाबंद – कलेक्टर रणबीर शर्मा ने जिले में हुई मूसलाधार बारिश के बाद बाढ़ एवं जलभराव की स्थिति का जायजा लेने आज मैनपुर विकासखंड के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों का औचक दौरा किया। उन्होंने ग्राम पंचायत गोपालपुर के आश्रित ग्राम साल्हेभाठा के किसानों के खेतों में जाकर डिजिटल क्रॉप सर्वे के वस्तुस्थिति की जानकारी ली। डिजिटल कॉर्प सर्वे के माध्यम से किसानों के खेतों में जाकर मोबाइल ऐप के जरिए उनके द्वारा बोई गई फसल, खेत के क्षेत्रफल, जीपीएस लोकेशन और सिंचाई की स्थिति का डिजिटल डेटा एकत्र किया जाता है। कलेक्टर ने इस दौरान किसानों से चर्चा करते हुए उनकी बोई गई फसल, रकबा एवं सिंचाई की स्थिति के बारे में जानकारी ली। कलेक्टर ने किसानों से कहा कि वे सर्वेयर को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराएं और सर्वे कार्य में सहयोग करें।कलेक्टर श्री शर्मा ने प्रसिद्ध धार्मिक एवं प्राकृतिक पर्यटन स्थल पैरी उद्गम का भी दौरा किया। उन्होंने पहाड़ी पर बनी सीढ़ियों से ऊपर पहुंचकर पैरी मंदिर में दर्शन किए और पूरे स्थल का जायजा लिया। इस दौरान क्षेत्र के भाठीगढ़ राज के प्रमुख हरिशचंद नेगी, आदिवासी समाज के खेदु नेगी, ग्राम पंचायत भाठीगढ़ की सरपंच पुष्पा नेगी सहित क्षेत्र के लोगों ने कलेक्टर को पैरी उद्गम के धार्मिक एवं पर्यटन महत्व की जानकारी दी। ग्रामीणों ने बताया कि पैरी उद्गम क्षेत्र का प्रमुख धार्मिक एवं प्राकृतिक स्थल है, जहां बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। कलेक्टर ने ग्रामीणों की मांगों और सुझावों को गंभीरता से सुना तथा आश्वस्त किया कि जिला प्रशासन द्वारा इस प्राकृतिक स्थल को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए हरसंभव प्रयास किया जाएगा।कलेक्टर ने आदिवासी बालक आश्रम बड़े गोबरा का भी औचक निरीक्षण किया। इस दौरान आश्रम के साफ-सफाई सुव्यस्थित रहने पर आश्रम अधीक्षक की सराहना की। उन्होंने बच्चों से चर्चा कर उनके पढ़ाई-लिखाई और सामान्य ज्ञान से संबंधित कई प्रश्न पूछें। इस पर आश्रम के बच्चों ने बड़े ही आत्मविश्वास के साथ उनके प्रश्नों का जवाब दिया। उन्होंने बच्चों की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया और स्वयं आगे बढ़कर उनसे हाथ मिलाया। और बच्चों को मन लगाकर पढ़ाई करने तथा अपने लक्ष्य की दिशा में निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। कलेक्टर ने बच्चों को आश्रम में मिलने वाली भोजन, नाश्ता से संबंधित जानकारी ली। कलेक्टर ने आश्रम के विद्यार्थियों को निर्धारित मेन्यु अनुसार नियमित भोजन कराने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने खोलापारा के रपटा में भारी बारिश के वजह से जलभराव होने पर ग्रामीणों को आवाजाही करने में परेशानी को ध्यान में रखते हुए कहा कि पानी के उपर से ग्रामीण स्थिति सामान्य होने तक अनावश्यक न आएं। इस दौरान वन विभाग के अधिकरियों ने बताया कि आमामोरा, ओढ़ क्षेत्र में हाथियों का झुण्ड विचरण कर रहा है। कलेक्टर ने वन विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे मैदानी वन अमले को क्षेत्र में रहकर ग्रामीणों को इसकी जानकारी दें। इस दौरान उन्होंने बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों से सीधे बातचीत कर उनका हालचाल जाना और उनकी समस्याओं की जानकारी ली।कलेक्टर ने प्रभावित क्षेत्रों में बाढ़ से हुई क्षति, जलभराव और आवागमन की स्थिति का मौके पर जायजा लिया। उन्होंने मौके पर मौजूद एसडीएम एवं तहसीलदार को निर्देशित किया कि बाढ़ के कारण फसल, मकान एवं अन्य जन-धन की हुई क्षति का तत्काल सर्वे कराया जाए। उन्होंने कहा कि सर्वे कार्य में किसी भी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए, ताकि प्रभावित ग्रामीणों को शासन के नियमानुसार राहत एवं मुआवजा राशि का लाभ जल्द दिलाया जा सके। कलेक्टर ने छिंदौला में बन रहे एकलव्य आदिवासी विद्यालय का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने संबंधितों को निर्माण कार्य में शीघ्र प्रगति लाने के निर्देश दिए। इस दौरान अपर कलेक्टर श्रीमती ऋषा ठाकुर, एसडीएम सुश्री नेहा भेड़िया सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
