निःशुल्क उपचार से अयान, अंजलि और सविता को मिला नया आत्मविश्वास
बीजापुर – जिले के दूरस्थ ग्रामीण अंचलों में रहने वाले बच्चों के लिए शासन की चिरायु ( RBSK ) योजना स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच का महत्वपूर्ण माध्यम बन रही है। योजना के तहत जन्मजात स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे बच्चों की पहचान कर उन्हें बेहतर उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। इसी क्रम में 20 से 24 सितंबर 2026 के दौरान बीजापुर जिले के तीन बच्चों का कटे-फटे होंठ एवं तालु ( Cleft Lip ) की समस्या का सफल उपचार रायपुर स्थित श्री मेडिशाइन अस्पताल में कराया गया।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बी.आर. पुजारी के निर्देशानुसार तथा बीएमओ डॉ. चलापति के मार्गदर्शन में चिरायु टीम बीजापुर ने बच्चों को चिन्हांकित कर आवश्यक प्रक्रिया पूरी की और उन्हें विशेषज्ञ उपचार के लिए रायपुर भेजा। सफल उपचार के बाद बच्चों के परिवारों में खुशी का माहौल है।
अयान को मिली नई मुस्कान
गंगालूर निवासी 1 वर्ष 3 माह के अयान साहनी, पिता संतोष साहनी, जन्म से कटे होंठ की समस्या से जूझ रहे थे। चिरायु टीम द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान अयान की समस्या की पहचान की गई। आवश्यक जांच एवं प्रक्रिया के बाद श्री मेडिशाइन अस्पताल, रायपुर में उसका सफल उपचार कराया गया। उपचार के बाद अयान के चेहरे पर आई बदलाव ने उसके परिवार को नई उम्मीद दी है।
अंजलि के चेहरे पर खिला आत्मविश्वास
इशूलनार निवासी 8 वर्षीय अंजलि हापका, पिता सुखमा हापका, भी कटे होंठ की समस्या से प्रभावित थीं। चिरायु टीम ने अंजलि को उपचार के लिए चिन्हांकित किया और विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख में उसका सफल ऑपरेशन कराया गया। उपचार के बाद अंजलि के परिवार को राहत मिली है और अब उसके बेहतर स्वास्थ्य एवं आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की उम्मीद जगी है।
तीन वर्षीय सविता को मिला बेहतर भविष्य का सहारा
तोड़का निवासी 3 वर्षीय सविता ताती, पिता बीजू ताती, भी जन्मजात कटे होंठ की समस्या से प्रभावित थीं। चिरायु योजना के माध्यम से उनकी पहचान कर आवश्यक उपचार की प्रक्रिया पूरी की गई। रायपुर के श्री मेडिशाइन अस्पताल में सविता का सफल उपचार कराया गया। उपचार के बाद परिवार ने शासन की इस पहल के प्रति खुशी व्यक्त की।
ग्रामीण बच्चों के लिए वरदान बन रही चिरायु योजना
चिरायु ( RBSK ) योजना के माध्यम से बच्चों में जन्मजात विकृतियों, बीमारियों, पोषण संबंधी कमियों एवं विकास संबंधी समस्याओं की समय पर पहचान कर उन्हें आवश्यक उपचार उपलब्ध कराया जाता है। बीजापुर जैसे दूरस्थ जिले में इस तरह की स्वास्थ्य सेवाओं से जरूरतमंद परिवारों को विशेषज्ञ उपचार तक पहुंच मिल रही है। अयान, अंजलि और सविता की कहानी इस बात का उदाहरण है कि समय पर पहचान, उचित मार्गदर्शन और उपचार मिलने से बच्चों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है। चिरायु टीम की पहल से इन बच्चों को न केवल उपचार मिला, बल्कि उनके परिवारों के मन में बेहतर भविष्य की उम्मीद भी मजबूत हुई है।
