जिले में पुनर्वास नीति को लेकर, नक्सल पीड़ित परिवार हुए लामबंद,जिला प्रशासन को सौंपा ज्ञापन

कांकेर – जिले के नक्सल पीड़ित परिवारों ने पुनर्वास नीति का पूर्ण लाभ नहीं मिलने से नाराज होकर जिला प्रशासन के खिलाफ आवाज बुलंद कर दी है। नक्सल पीड़ित प्रदेश संघ के बैनर तले बड़ी संख्या में प्रभावित परिवारों ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा और शासन की पुनर्वास योजना का लाभ दिलाने की मांग की।ज्ञापन में पीड़ितों ने बताया कि राजनांदगांव जिले में शासन द्वारा संचालित नक्सल पुनर्वास योजना 2025 के तहत पात्र परिवारों को आर्थिक सहायता एवं अन्य सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं, जबकि कांकेर जिले के कई पात्र परिवार अब तक इस योजना से वंचित हैं। इससे पीड़ित परिवारों में असंतोष और निराशा का माहौल है।पीड़ित परिवारों ने अपने आवेदन में स्पष्ट किया कि वे वर्षों से नक्सल हिंसा के कारण प्रभावित हैं और शासन की योजनाओं से उन्हें राहत मिलने की उम्मीद थी, लेकिन अब तक उन्हें कोई ठोस लाभ नहीं मिला। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि सभी पात्र हितग्राहियों की सूची तैयार कर उन्हें शीघ्र पुनर्वास नीति का लाभ दिया जाए।इस दौरान कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर पीड़ितों ने अपनी समस्याएं विस्तार से रखीं। अधिकारियों ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त करते हुए कहा कि पात्र हितग्राहियों का सत्यापन कर जल्द ही उन्हें योजना का लाभ दिलाया जाएगा।वहीं नक्सल पीड़ित परिवार संघ के पदाधिकारियों ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 15 दिनों के भीतर पुनर्वास योजना का लाभ नहीं मिला, तो वे विधानसभा अध्यक्ष के निवास पहुंचकर न्याय की मांग करेंगे और आंदोलन को और तेज करेंगे।ज्ञापन में कई प्रभावित परिवारों के हस्ताक्षर भी शामिल हैं, जो इस बात का प्रमाण हैं कि बड़ी संख्या में लोग इस समस्या से जूझ रहे हैं।

मुख्य मांगें:
सभी पात्र नक्सल पीड़ित परिवारों को पुनर्वास योजना का लाभ दिया जाए
आर्थिक सहायता एवं अन्य सुविधाएं तत्काल प्रदान की जाए
लंबित मामलों का शीघ्र निराकरण किया जाए
अंत में पीड़ित परिवारों ने एक स्वर में कहा—
“पुनर्वास हमारा अधिकार है, हमें न्याय, हक और सम्मान चाहिए।”
यह मामला अब जिले में चर्चा का विषय बन गया है और आने वाले दिनों में प्रशासन की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।