महतारी सदन बना ग्रामीण महिलाओं की आजीविका और आत्मनिर्भरता का नया केंद्र

30 लाख रुपये की लागत से निर्मित सर्वसुविधायुक्त भवन में 38 स्व-सहायता समूहों की 426 महिलाएं कर रही हैं विविध आजीविका गतिविधियां

गरियाबंद – मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में महिला सशक्तिकरण और आजीविका संवर्धन को नई दिशा मिल रही है। जिले के छुरा विकासखंड के ग्राम पाटसिवनी में लगभग 30 लाख रुपये की लागत से निर्मित सर्वसुविधायुक्त महतारी सदन ग्रामीण महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता और सामाजिक सशक्तिकरण का माध्यम बनकर उभरा है। ग्राम पाटसिवनी में वर्तमान में 38 महिला स्व-सहायता समूह सक्रिय हैं, जिनमें कुल 426 महिलाएं जुड़ी हुई हैं। इनमें जय मां संतोषी, जय मां लक्ष्मी, वैभव लक्ष्मी, शांति समूह, सतनाम समूह, तुलसी समूह, खोपली समूह, राधा रानी समूह सहित अन्य समूह विभिन्न आजीविका गतिविधियों के माध्यम से आर्थिक रूप से सशक्त बन रहे हैं। महिला समूहों द्वारा किराना एवं फैंसी स्टोर का संचालन, मछली पालन, जैविक खेती, ट्रैक्टर के माध्यम से उन्नत कृषि कार्य, पशुपालन, मुर्गी एवं बकरी पालन सहित अन्य कार्यों के लिए सेंटिंªग प्लेट, गैस चूल्हा, टेंट सामग्री एवं कुर्सियां किराये पर उपलब्ध कराने का कार्य संचालित कर रही हैं। इन गतिविधियों से महिलाओं की आय में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है तथा वे परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।समूह से जुड़ी श्रीमती सत्या दीवान ने बताया कि उन्होंने सिलाई कार्य को आजीविका का माध्यम बनाया है और वर्तमान में प्रतिमाह तीन से पांच हजार रुपये से अधिक की आय अर्जित कर रही हैं। उन्होंने बताया कि महतारी सदन बनने के बाद सभी समूहों को नियमित बैठक, प्रशिक्षण, योजना निर्माण और सामूहिक निर्णय लेने के लिए एक व्यवस्थित स्थान मिला है। जिससे आजीविका गतिविधियों का विस्तार हो पाया है। नवनिर्मित महतारी सदन में विशाल बैठक कक्ष, विद्युत एवं पंखों की व्यवस्था, पर्याप्त रोशनी और वेंटिलेशन, स्वच्छ पेयजल सुविधा तथा आजीविका गतिविधियों के संचालन के लिए शटरयुक्त दुकान उपलब्ध कराई गई है। यह भवन महिलाओं के लिए केवल बैठक की जगह नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता, सामूहिक सहयोग और आर्थिक प्रगति का सशक्त केंद्र बन गया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में गरियाबंद जिले की महिलाएं महतारी सदन के माध्यम से आत्मनिर्भरता की नई इबारत लिख रही हैं और ग्रामीण विकास में अपनी सशक्त भागीदारी सुनिश्चित कर रही हैं।