आधी रोटी खाएंगे -स्कूल जरूर जाएंगे – छात्रों की व्यथा – सीएमओ साहब कब तक जाना होगा कपड़े जूते लाल कर स्कूल 

( मामला किरंदुल पालिका के मल्लप्पा कैम्प से ओवर ब्रिज तक की सड़क का )

किरंदुल – छत्तीसगढ़ राज्य की सबसे अमीर नगर पालिका में सुमार किरंदुल नगर पालिका परिषद हमेशा से ही विवादों का दामन थामते हुए प्रिंट मीडिया के साथ साथ इलेक्ट्रॉनिक मीडिया की सुर्खियों में बनी रहती हैं । इस बार किरंदुल की जनता ने नहीं इस बार किरंदुल के स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र छात्राओं ने किरंदुल नगर पालिका परिषद के मुख्य नगर पालिका अधिकारी शशि भूषण महापात्र से गुहार लगाते हुए पूछा कि सीएमओ साहब आखिर कब तक हम स्कूली बच्चों को कपड़े जूते लाल कर स्कूल जाना होगा । उल्लेखनीय हैं कि मल्लप्पा कैम्प से लेकर मटन चिकन मार्केट के सामने की कच्ची सड़क बारिश के दिनों में लाल पानी से लबालब भर जाती है और उस ही सड़क से बंगाली कैम्प ,मल्लप्पा केम्प ,रामपुर कैम्प ,मैन मार्केट ,लक्षणपुर कैम्प के साथ साथ अन्य कैम्प क्षेत्रो के स्कूली बच्चे प्रकाश विद्यालय ,विद्या नगर स्कूल ,डी ए वी स्कूल के लिए रोजाना आना जाना करते हैं । विदित हो कि कुछ दिनों पूर्व स्थानीय प्रशासन ने उस लाल सड़क पर सफेद मुरुम डाल कर अपना पल्ला तो झाड़ लिया । परंतु वाहनों के आवागमन के कारण एक दिन में ही वो सफेद मुरुम लाल मुरुम में तब्दील हो गई ।साथ ही वाहनों के कारण उस सड़क पर बड़े बड़े गड्डों ने भी विकराल रूप ले लिया जिसमे आसानी से लाल पानी ने अपना आसरा बना लिया ।विचारणीय प्रश्न यह है कि इन सब मे उन मासूम बच्चों का क्या कसूर हैं जिनको रोजाना अपने जूतों और स्कूली ड्रेस को लाल कीचड़ से लथपथ कर स्कूलों में जाकर अपना भविष्य गड़ना पड़ रहा है ।जहाँ एक तरफ सरकार कहती हैं कि स्कूल जाओ और भविष्य बनाओ तो वहीं दूसरे तरफ स्कूलों की ओर जानी वाली सड़को पर भी ध्यान देने की जरूरत होनी चाहिए ।