झमाझम बारिश से जीवंत हुआ जतमई धाम का प्राकृतिक जलप्रपात 

हरियाली के बीच उमड़ने लगे पर्यटक

राजिम/फिंगेश्वर :- क्षेत्र के प्रसिद्ध धार्मिक एवं पर्यटन स्थल जतमई धाम में बीती रात से हो रही मूसलाधार बारिश के बाद प्राकृतिक जलप्रपात पूरे वेग के साथ शुरू हो गया है। बारिश के साथ ही जतमई और घटारानी के घने जंगलों का प्राकृतिक सौंदर्य निखर उठा है। चारों ओर फैली हरियाली, पहाड़ियों से गिरती जलधारा और सुहावना मौसम पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है।

लगातार हो रही वर्षा से जहां खेत-खलिहानों में पानी लबालब भर गया है, वहीं जतमई धाम का प्राकृतिक झरना भी पूरे शबाब पर आ गया है। बारिश के बाद पहाड़ियों से बहता स्वच्छ जल और आसपास की हरी-भरी वादियां मनमोहक दृश्य प्रस्तुत कर रही हैं। रविवार होने के कारण सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं पर्यटक जतमई धाम पहुंचने लगे। कई लोग जलप्रपात में भीगते हुए बारिश और प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेते नजर आए।

स्थानीय लोगों के अनुसार सामान्यतः जतमई धाम का जलप्रपात जून माह में ही शुरू हो जाता है, लेकिन इस वर्ष मानसून की देरी के कारण जुलाई के पहले सप्ताह में झरना चालू हुआ है। हालांकि देर से ही सही, अच्छी बारिश ने पूरे क्षेत्र के मौसम को खुशनुमा बना दिया है और जंगलों की रौनक भी लौट आई है।जतमई धाम और समीप स्थित घटारानी क्षेत्र अपने प्राकृतिक सौंदर्य, धार्मिक महत्व और जलप्रपात के कारण हर वर्ष हजारों पर्यटकों का पसंदीदा पर्यटन स्थल रहता है। मानसून के दौरान यहां का आकर्षण कई गुना बढ़ जाता है। पहाड़ों से गिरती जलधारा, घने वृक्षों से आच्छादित जंगल और ठंडी हवाएं पर्यटकों को प्रकृति के बेहद करीब होने का एहसास कराती हैं।प्रशासन एवं स्थानीय लोगों ने पर्यटकों से अपील की है कि जलप्रपात का आनंद लेते समय सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें, फिसलन वाले स्थानों पर सावधानी बरतें तथा प्राकृतिक स्थल की स्वच्छता बनाए रखने में सहयोग करें। वर्तमान में जतमई धाम का मनोरम दृश्य प्रकृति प्रेमियों और सैलानियों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।