शिक्षा गुणवत्ता सुधार को लेकर कोयलीबेड़ा में हुई बैठक

एफएलएन, नामांकन, बोर्ड परीक्षा परिणाम और डिजिटल शिक्षा की हुई समीक्षा

शिक्षा की गुणवत्ता को नई दिशा देने तथा शासन की विभिन्न शैक्षणिक संस्थाओं को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिलों एवं वनांचल क्षेत्र कोयलीबेड़ा में समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। कलेक्टर  निलेश कुमार क्षीरसागर के निर्देशानुसार एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी हरेश मंडावी के निर्देशन में यह बैठक दो पालियों में आयोजित की गई, जिसमें क्षेत्र के प्राथमिक, माध्यमिक, उच्च विद्यालय एवं छात्र संस्थान के संस्था प्रमुख, संकुल कार्यशाला एवं संकुल समन्वयक उपस्थित रहे।बैठक की अध्यक्षता जिला शिक्षा अधिकारी  रमेश कुमार निषाद एवं मिशन समन्वयक समग्र शिक्षा  नवनीत पटेल द्वारा की गई। उन्होंने शिक्षा विभाग द्वारा संचालित विभिन्न पुस्तकालय, शैक्षणिक दस्तावेज, पूर्वावलोकन एवं आगामी कार्य विवरण की विस्तृत समीक्षा करते हुए कहा कि जिले के अंतराल और प्रतीकात्मक क्षेत्रों में भी गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा उपलब्ध दस्तावेज प्रशासन की सेवा शामिल है। बैठक में छात्रों की शैक्षिक योग्यता उपस्थिति, गुणवत्तापूर्ण शिक्षण व्यवस्था, संरचना संरचना और संख्यात्मक ज्ञान (एफएएलएन) कार्यक्रम, बालवाटिका कक्षा, कक्षावार अधिगम स्तर में सुधार और प्रशिक्षण छात्रों के लिए विशेष शैक्षिक सहायता जैसे विषयों पर विशेष चर्चा की गई। अधिकारियों ने कहा कि प्रत्येक विद्यालय में बच्चों की सीखने की क्षमता में वृद्धि को सर्वाचे का दायित्व दिया जाना चाहिए तथा नियमित मूल्यांकन के आधार पर आवश्यक शैक्षणिक निवेश सुनिश्चित किया जाना चाहिए।जिला पदाधिकारी  रमेश कुमार निषाद ने संस्था प्रमुखों को निर्देशित करते हुए कहा कि परीक्षा में समयशिक्षा कक्षा संचालन, पाठ्यक्रम पूर्णता, परीक्षा परिणामों में सुधार, बोर्ड शिक्षा परीक्षाओं की विशेष तैयारी एवं छात्रों के सीखने के स्तर की सतत निगरानी सुनिश्चित की जाये। उन्होंने विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास, नैतिक शिक्षा एवं जीवन कौशल विकास पर भी जोर दिया।जिला मिशन समन्वयक  नवनीत पटेल ने समग्र शिक्षा के तहत संचालित संस्था की समीक्षा करते हुए विद्यालय विकास योजना, समग्र शिक्षा, डिजिटल शिक्षा, पुस्तकालय पाठ्यक्रम, शिक्षक प्रशिक्षण, खेल एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम और शाला विद्यालय की सक्रिय भागीदारी को मजबूत करने पर बल दिया। उन्होंने पोर्टफोलियों एवं ऑफ़लाइन टेम्पलेट्स में समयबद्ध जानकारी दर्ज करने और शासन की मंजूरी का प्रभावकारी दस्तावेज सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।

बैठक में नामांकन एवं स्थिरता, ड्रॉपआउट बच्चों की पहचान, पुनः नामांकन अभियान, मध्याह्न भोजन व्यवस्था, छात्रवृत्ति की प्रगति, विद्यालय स्वतंत्रता, सुरक्षा व्यवस्था, खेलों के उपयोग एवं पुस्तकालयों के सम्मिलन पर भी विस्तार से समीक्षा की गई। अधिकारियों ने विद्यार्थियों के लिए शैक्षणिक एवं शैक्षणिक विकास के लिए उपलब्ध दस्तावेजों पर जोर दिया। बैठक के दौरान नवाचार पर आधारित शिक्षण पद्धतियों को अपनाने, स्थानीय परंपरा के शास्त्रीय शिक्षण सामग्री विकसित करने और विद्यार्थियों में पाठ-पाठ की रुचि बढ़ाने के लिए प्रेरित किया गया। इसके साथ ही नियमित कोचिंग मॉनिटरिंग, संकुल के पेशेवर सहयोग और इंस्टीट्यूट को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर भी बल दिया गया।बैठक में उपस्थित संस्थाओं के प्रमुखों एवं संकुल समन्वयकों ने अपने-अपने विद्यार्थियों की कागजात एवं परीक्षाओं को साझा किया, जिन अधिकारियों ने आवश्यक दिशानिर्देश एवं समाधान संबंधी सुझाव दिए। बैठक के समापन पर शिक्षा की गुणवत्ता में सतत सुधार, छात्रों के सर्वांगीण विकास, नवाचारों को बढ़ावा देने और शासन की स्थापना के प्रभावशाली एवं सशक्तीकरण के लिए सामूहिक संकल्प व्यक्त किया गया। अधिकारियों ने विश्वास व्यक्त किया कि कोयलीबेड़ा जैसे दूरस्थ क्षेत्रों में इस प्रकार की समीक्षा बैठकें शिक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने और छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य को नई गति प्रदान करने की रूपरेखा तैयार की जाएगी।