कोंडागांव – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में आयोजित सुशासन तिहार के माध्यम से जन कल्याण संकल्प का लाभ अंतिम चरण में हितग्राहियों को लाभ मिल रहा है। इसी क्रम में रविवार को ग्राम पंचायत बड़ेकनेरा में सुशासन तिहार शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री श्री साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
मुख्यमंत्री ने महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत संचालित स्काल्पी सेंटर खुटगुड़ा, साएकनेरा का अध्ययन कर बच्चों से मुलाकात की और उनके शिक्षा एवं स्वास्थ्य प्रयोगशाला की जानकारी ली। उन्होंने केंद्र में उपस्थित हितग्राहियों एवं स्मारकों से विभिन्न मंत्रालयों के सहयोगियों और अपने प्राप्त लाभ के संबंध में संवाद कर यात्रा भी ली।
महतारी वंदन योजना से श्रीमती श्रीमती संतोषी भोयर ने मुख्यमंत्री को बताया कि उन्हें प्रति माह 1,000 रुपये की सहायता राशि प्राप्त होगी, जिससे उन्होंने अपना ब्यूटी पार्लर व्यवसाय शुरू किया है। इसी प्रकार की श्रीमती संपति इकपुरी ने बताया कि उन्होंने योजना से प्राप्त सहायता का उपयोग कर सब्जी व्यवसाय शुरू किया है।
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की अध्यक्ष श्रीमती सुरिका पटेल एवं श्रीमती खेमलता कोर्राम को मुख्यमंत्री द्वारा चेक किया गया। योजना के अंतर्गत प्रथम संतान के जन्म पर 5,000 रुपये और अन्य के रूप में आवेदकों के जन्म पर 6,000 रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाती है, जिससे स्वास्थ्य एवं पोषण स्तर में सुधार सुनिश्चित किया जा सके। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना से श्रीमती डुमनी यादव एवं श्रीमती हीरादेई पैगेज़ ने मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना से सहायता प्राप्त करने के लिए आवेदन किया।कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रिय कु. अंजू कोर्राम एवं कु. पद्मनी नेता का अन्नप्राशन संस्कार। वहीं, बंधक विकास प्राधिकारी के उपाध्यक्ष एवं स्थानीय विधायक मशिता लता जेमंडी ने धातृसलीस मनिता मरकाम एवं श्रीमती गुड़िया मरकाम की गोदभराई की दुकानें बनाईं। असमर्थित योजना के तहत सहायक मनई यादव द्वारा छत्तीसगढ़ महिला कोष का प्रस्ताव रखा गया। साथ ही एकता स्व-सहायता समूह, बड़ेकनेरा को भी योजना का लाभ प्रदान किया गया। कार्यक्रम में काव्यांश एवं रोशनी को सुपोषण किट तथा किशोरी प्रिया नेताम, महिमा, नंदननी पटेल, पुष्परा नायक एवं स्वच्छता एवं स्वास्थ्य जागरूकता के उद्देश्य से हाइजीन किट की पूर्ति की गई।इस अवसर पर एक नवप्रवर्तन पहल के रूप में ‘जागरूक पिता अभियान’ का शुभारंभ भी किया गया। अभियान के तहत ऐसे पिताओं को सम्मानित किया गया है जो अपने बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा एवं समग्र विकास के प्रति जागरूकता रखते हैं और नियमित रूप से उन्हें शैक्षिक केंद्र तक लेकर जाते हैं। अंतिम पिताओं को बैच एवं अंतिम पत्र प्रदान किया गया। अभियान का उद्देश्य समुदाय में पिताओं की सक्रिय आतिशबाजी और बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण एवं शिक्षा के प्रति सुनिश्चितता करना उनकी जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री ने नासिक के बच्चों के हित में जा रहे एवं उद्यम के कलाकारों ने अपने योगदान की सराहना की।
सुशासन तिहार: बड़ेकानेरा में मुख्यमंत्री ने महिला एवं बाल विकास विभाग के हितग्राहियों से किया संवाद
