77.06 करोड़ रुपये के भव्य बाईपास मार्ग और भंवरडीह नदी पर उच्च स्तरीय पुल सहित 14 महत्वपूर्ण स्मारकों का स्मारक
स्थापत्यों के जीर्णोद्धार, 5 नवीन उच्च तकनीकी पुल एवं साएकनेरा उपकेन्द्र सहित 29 अभिलाषाओं के जनकेन्द्रों का भूमिपूजन
“हम केवल कागजों पर नहीं, जमीन पर विकास की रूढ़ियाँ खींचते हैं-मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
कोंडागांव – छत्तीसगढ़ के जनजातीय बहुलता और सामरिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण क्षेत्र के वन्यजीवों की सूची में सीमांत क्षेत्र तक के लक्ष्य के संकल्प के साथ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कोंडागांव जिले के विकास का एक स्वर्णिम नया अध्याय लिखा है। जिले में कुल 152 करोड़ 18 लाख 84 हजार रुपये की लागत वाले 43 बड़े निर्माण एवं विकास कार्यों को हरी झंडी दी गई है। इन क्षेत्रों की जनता को तत्काल राहत राशि वाले 9,630.63 लाख रुपये के 14 महत्वपूर्ण ऐतिहासिक कार्य और ऐतिहासिक वैयक्तिक क्षमता बढ़ाने वाले 5,588.21 लाख रुपये के 29 भूमिपूजन कार्य शामिल हैं।सरकार की नीति ‘अंतिम व्यक्ति तक तत्काल विकास’ का चरितार्थ करते हुए इन विकास कार्यों का विवरण जारी किया गया है। लोक निर्माण विभाग, सेतु विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, जल संसाधन विभाग और ग्रामीण यांत्रिकी सेवा जैसे महत्वपूर्ण सहयोगियों के समन्वय से इन बड़ी मंजूरी का खाका निकाला गया है। इस विशेष पत्रिका में न केवल संस्था के आधुनिकीकरण को शामिल किया गया है, बल्कि वनांचलों के तीर्थयात्रियों के लिए वृहद जल प्रदाय इकाइयों और किसानों के लिए पानी की सदस्यता भी दी गई है।इस ऐतिहासिक अवसर पर जनता को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि हमारी सरकार ने केवल घोषणाएं कीं और कागजों पर फाइलों की बिक्री पर विश्वास नहीं किया। हम जमीन पर ठोस काम करके विकास के गहरे खंडहर खींचते हैं। आज कोंडागांव के भाई-बहनों को समर्पित 152 करोड़ रुपये के ये 43 कार्य घुमक्कड़ों की आर्थिक और सामाजिक तकदीर को जोड़ने का काम करेंगे। सुदूरवर्ती इलाके में जब एक पक्की सड़क या उच्च स्तरीय सड़क बनती है, तो उसमें सिर्फ दो बच्चों को शामिल नहीं किया जाता है, बल्कि वहां के बच्चों को शिक्षा, बीमारों के स्वास्थ्य और युवाओं के लिए रोजगार का नया रास्ता दिखाया जाता है। 77 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले शहर का यह ऐतिहासिक बायपास हो, वनांचलों की ‘एकल ग्राम जल आपूर्ति’ हो, या फिर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने वाली हमारी ‘महतारी घराने’ और ‘दीदी की रसोई’ हो—हमारी हर योजना का केंद्र बिंदु गरीब, युवा, किसान और हमारी माता-बहनें हैं। हम सुशासन के संकल्प के साथ पर्यावरण के हर घर को बनाए रखते हैं।
यांत्रिकी उपयोगिता एवं जन स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता
मुख्यमंत्री द्वारा लिखित 14 महत्वपूर्ण कार्य के कुल 96.31 करोड़ रुपये में सर्वाधिक महत्वपूर्ण परियोजना लोक निर्माण विभाग का कोंडागांव बाइपास मार्ग है। इस परियोजना की कुल लंबाई 8.89 किलोमीटर है, जिसकी लागत अत्यंत आधुनिक 77 करोड़ 6 लाख 43 हजार हजार बताई गई है। इस बाइ के खुलने से राष्ट्रीय राजमार्ग-30 (एनएच-30 ) पर चलने वाली भारी शहर के बाहर से ही जरूरी निकल जाएगा, जिससे कोंडागांव नगरवासियों को रोजाना ट्रैफिक जाम और खुशी के डर से प्लाई रूप से मुक्ति मिल जाएगी।इसके अलावा, स्वास्थ्य और अधोसंरचना के क्षेत्र में स्मारक पिरामिड के टुकड़े शामिल हैं, जो उच्च स्तर के प्लास्टिक लोक निर्माण विभाग सेतु कमांडर कांकेर के अधीनस्थ नदी ग्राम कुधुर से तुमड़ीवाल मार्ग पर हैं।
एकल ग्राम जल प्रदाय फाइल
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा 5 अलग-अलग में कुल 695.41 लाख रुपये की लागत से नल-जल की मंजूरी दी गई, जिससे वन के विभिन्न परिवारों के घरों में शुद्ध राजकुमार की आपूर्ति सुनिश्चित हुई।
आयुष्मान आरोग्य मंदिर एवं महतारी स्वामी
ग्राम गिरोला में 16.36 लाख रुपए की लागत से सर्वसुविधायुक्त आयुष आरोग्य मंदिर का अनावरण किया गया। इसके साथ ही, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा प्रभाग द्वारा कुम्हारपारा एवं मरापापाल में 24.70-24.70 लाख रुपये की लागत से नवनिर्मित ‘महतारी जमींदारों’ का अभिषेक किया गया, जो महिला वाणिज्य का मुख्य केंद्र था।
भविष्य की अधोसंरचना और सींच संकट का समाधान
क्षेत्र के भविष्य की झलकियों पर ध्यान देते हुए मुख्यमंत्री ने 29 नवीन उद्यम कुल कीमत 55.88 करोड़ रुपये की हिस्सेदारी रखी। इसमें सबसे प्रमुख स्थान जल संसाधन विभाग को दिया गया है, जिसके तहत 1,363.09 लाख रुपये के 4 बड़े सींच और जल संरक्षण कार्य की शुरुआत की गई है। इसके अंतर्गत वि.ख. कोंडागांव के अंतर्गत कोपाबेड़ा मठ का जीर्णोद्धार 334.31 लाख रुपये, कुसमा मठ का जीर्णोद्धार 326.28 लाख रुपये, घोड़ागांव एनिकट रेंचिट 2 का सकल कार्य 416.12 लाख रुपये और सुकुरपाल मारीपारा के अमेली खंड पर स्टापडेम सह फ्रेम निर्माण कार्य 286.38 लाख रुपये शामिल है। ये चाँदी के सिक्के के साथ किसानों की खेती करने में मीलों का पत्थर साबित होता है।
उद्यम और ऊर्जा सुरक्षा को जोड़ने के लिए सेतु कमांडर 5 नवीन उच्च स्तरीय पुल 3,626.61 लाख रुपये, मकड़ी-हीरापुर मार्ग पर कालीबेड़ा नाला पुल 791.82 लाख रुपये, मकड़ी-अमरावती मार्ग पर तामरावंद नाला पुल 668.45 लाख रुपये, पलाना-बंगोली मार्ग पर बड़ा नदी पुल 904.29 लाख रुपये, परौदा-कोनगुड मार्ग पर परौदा नदी पुल 936.44 लाख रुपये और गांव-रावसवा ग्रामीण मार्ग पर कोयला नाला पुल 325.61 लाख रुपये का निर्माण कार्य शुरू हो गया है।
बड़ेकनेरा में नवीन विद्युत उपकेंद्र 399.82 लाख रुपए विद्युत विभाग द्वारा 33/11 के.व्ही.आई. क्षमता वाले इस सबस्टेशन के निर्माण से क्षेत्र के पिपरियात में लो-वोल्टेज और बिजली कटौती की समस्या से हमेशा के लिए उपकरण मिलेगा।
स्थानीय विकास एवं स्वावलम्बन
जिला पंचायत केशकाल के बोरगांव में 31.75 लाख रुपए की लागत से ‘दीदी की रसोई’ (कैंटिन) भवन का भूमिपूजन किया गया। इसके अलावा जिला पंचायत सासेराजपुर के विभिन्न जिलों में कुल 96.97 लाख रुपये की लागत से 14 छोटे शेड और प्लास्टर निर्माण और मकड़ी में 69.97 लाख रुपये की लागत से 4 नवीन प्राथमिक/माध्यमिक शाला शिक्षकों की भर्ती हुई।
मित्रो सुशासन का नया सवेरा
कोंडागांव जिले में एक साथ 152.19 करोड़ रुपये के 43 विकास कार्यों का उद्घाटन किया गया। पिछले समय में इस योजना में पक्की सड़कें, सींच के उपकरण और बिजली सबस्टेशनों को शामिल किया गया था। मुख्यमंत्री का यह स्पष्ट नारा है कि “हम केवल घोषणा नहीं करते हैं, बल्कि जमीन पर विकास की रूपरेखा खींचते हैं”, शासन की कार्यशैली और अनुशासन की पुष्टि को सिद्ध करते हैं। इन निर्माण कार्यों के पूर्ण होने से न केवल कोंडागांव बल्कि संपूर्ण द्वीप समूह की आर्थिक, सामाजिक और अधोसंरचनात्मक स्थिति की समीक्षा होगी, जो आने वाले समय में खुशहाली और प्रगति का एक नया सवेरा लेकर आएगा।
