कलेक्टर अबिनाश मिश्रा एवं पुलिस कप्तान सूरज सिंह परिहार ने अधिकारियों को दिए गए समयसंस्कार, संदेश एवं गुणवत्तापूर्ण याचिका दायर करने के निर्देश
धमतरी – सुशासन, शपथ ग्रहण एवं जन-निर्देश प्रशासन को बनाने की दिशा में राज्य शासन द्वारा प्रारंभ की जा रही मुख्यमंत्री नामांकित 1076 के प्रभावशाली विधान आज जिला पंचायत धमतरी के सभाकक्ष में आयोजित की गई। वर्कशॉप जिलों के विभिन्न हिस्सों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की शिकायत प्रबंधन प्रणाली की प्रौद्योगिकी, उद्यम और व्यवहारिक संस्थान का विस्तृत प्रशिक्षण प्रदान किया गया।कार्यक्रम में रजिस्ट्रार अविनाश मिश्रा, पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी गजेन्द्र सिंह ठाकुर, राज्य कार्यालय से आये वरिष्ठ सलाहकार आर.के. शर्मा और शिक्षक श्री सौरभ साकेतिक विशेष रूप से उपस्थित रहे।छात्रावास को नामांकित करते हुए डॉक्टर अबिनाश मिश्रा ने कहा कि सुशासन का वास्तविक आधार नागरिकों के हित में है। मुख्यमंत्री अनाम 1076 शासन और संविधान के मध्य संवाद, विश्वास और संविधान का एक तिब्बती माध्यम सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था समूह के एकजुट होने की प्रक्रिया को अधिक दासता, संयम और संयम बनाएगी।रजिस्ट्रार श्री मिश्रा ने अधिकारियों से कहा कि वे अभ्यर्थियों के लिए केवल अनिवार्य निष्कासन नहीं हैं, बल्कि जनसेवा के महत्वपूर्ण पद हैं, प्रत्येक प्रकरण का चयन, नामांकन एवं उत्तरदायित्व के साथ सुनिश्चित समाधान करें। उन्होंने मध्य प्रदेश में बेहतर समन्वय स्थापित करने, समय-सीमा का पालन करने और किसानों की विशेषज्ञता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की सफलता केवल भगवान की संख्या से नहीं, बल्कि राष्ट्रपति की संतुष्टि और शासन के प्रति उनके विश्वास से तय होगी। मूलतः प्रत्येक अधिकारी को जनअपेक्षाओं के सचिवालय कार्य करते हुए भावना सेवा एवं सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाना होगा।पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार ने अपने उद्बोधन में कहा कि नागरिकों की मित्रता का सम्मिलन एवं अनुदेश प्रशासन एवं पुलिस की साझा जिम्मेदारी है। वर्तमान समय में शासन-प्रशासन से तत्काल प्रतिक्रिया एवं प्रभावी समाधान की आवश्यकताएं हैं। मुख्यमंत्री 1076 जनता को सीधे शासन से जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण मंच है, जो गठबंधन के समाधान को अधिक सरल, सुलभ एवं सीमित बनाएगा।उन्होंने अधिकारियों के साथ सहयोगियों के बीच मानवीय विचारधारा की सलाह देते हुए कहा कि कई दिग्गज नागरिकों की व्यक्तिगत विशिष्टताएं, सामाजिक आवश्यकताएं और शर्तें जुड़ी हुई हैं। ऐसे मामलों में सकारात्मक संवाद, सहानुभूतिपूर्ण व्यवहार तत्काल कार्रवाई से कोई एकमात्र समाधान नहीं होगा, बल्कि शासन-प्रशासन के प्रति जनता का विश्वास भी और अधिक होगा।जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी गजेंद्र सिंह ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री कार्यालय में बेहतर समन्वय, समन्वय एवं कार्यकुशलता को बढ़ावा दिया जाए। इससे संबंधित ग्रामीण एवं समान शहरी दोनों क्षेत्रों के नागरिकों को रूप से लाभ प्राप्त होगा और शासन की समाप्तिकारी मंजूरी एवं सेवाओं का प्रभावशाली संगठन सुनिश्चित किया जाएगा।राज्य कार्यालय से आये वरिष्ठ सलाहकार श्री आर.के. शर्मा ने मुख्यमंत्री नामांकित एवं शिकायत प्रबंधन प्रणाली की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि यह व्यवस्था एमबीए के पंजीकरण से लेकर एवं फर्म प्राप्त करने तक की पूरी प्रक्रिया को डिजिटल एवं अनुपात बनाएगी। उन्होंने अलग-अलग पार्टियों के अधिकारियों की भूमिका, मिर्ज़ा के बली, टाइम-सीमा असबार्ट और विशिष्टता के आधार पर किशोरों के मानकों की जानकारी भी प्रदान की।कार्यशाला के दौरान अधिकारियों को पोर्टल संचालन, निगम के प्रभावशाली प्रबंधन, समयबद्ध कर्मचारी, नागरिक संतुष्टि एवं सेवा से संबंधित विभिन्न मानकों पर प्रशिक्षण दिया गया। मुख्यमंत्री ओबामा के माध्यम से जनसमस्याओं के प्रभावी समाधान और सुशासन की अवधारणा को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में सक्रिय योगदान का संकल्प लिया गया।यह प्रशिक्षण प्रयोगशालाओं में मुख्यमंत्री नामांकित 1076 के सफल एवं प्रभावशाली ऑपरेशन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगी, जिससे आम जनता की ताकत का समर्थन, समाधान एवं उत्तरदायित्व सुनिश्चित किया जा सके।
