550 बच्चों ने विभिन्न खेल एवं दुकानों में भाग लिया
कोंडागांव – खेल एवं युवा कल्याण विभाग एवं शिक्षा विभाग के संयुक्त तत्वावधान में 01 मई से 25 मई तक आयोजित ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण शिविर का सोमवार को चौपाटी स्थित युवा विश्रामगृह में समापन हुआ। जिले के इस प्रशिक्षण शिविर में 25 दिनों तक 537 बच्चों ने विभिन्न खेल और उत्साह प्रोत्साहन में भाग लिया।ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण शिविर में सीनियर एवं जूनियर वर्ग के खिलाड़ियों को फुटबॉल, बैडमिंटन, टेबल टेनिस, जूडो, एडवेंचर, तीरंदाज़ी, तैराकी, कैरम एवं शतरंज सहित विभिन्न खेलों का प्रशिक्षण अनुभवी खेल प्रशिक्षक एवं विशेषज्ञ द्वारा प्रदान किया गया। इसके साथ ही बच्चों को उनकी रुचि के भंडार से भी जोड़ा गया।समापन कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने “कबाड़ से जुगाड़” की अवधारणा पर आधारित नवाचारों की प्रस्तुति प्रस्तुतियां दीं। बच्चों ने डीसी मोटर की कार्य प्रणाली, होलोग्राम, पेरिस्कोप, पेंटिंग, पैटर्न, टेराकोटा उत्पाद निर्माण, गीत-संगीत और नृत्य की प्रस्तुतियों ने प्रोटोटाइप और अधिकारियों का मन मोह लिया।समारोह में पुर्तगाल के बच्चों एवं प्रशिक्षकों को प्रमाण पत्र प्रदान किया गयाइस अवसर पर डॉलीमेट नूपुर राइस पन्ना ने कहा कि ग्रीष्मकालीन प्रशिक्षण शिविर बच्चों की प्रतिभा को निखारने का एक उत्कृष्ट मंच है। उन्होंने कहा कि खेल से केवल शारीरिक क्षमता विकसित नहीं होती, बल्कि अनुशासन, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता का भी निर्माण होता है। उन्होंने बच्चों को आरक्षण देते हुए कहा कि जो बच्चे जूडो, डिजाइन, तीरंदाजी, टेराकोटा और अन्य विधाओं का प्रशिक्षण ले रहे हैं, वे भविष्य में कोंडागांव जिले का नाम राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर रोशन करेंगे।
कलेक्टर ने कहा कि आज के समय में बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ खेल, कला एवं प्रोत्साहन को शामिल करना जरूरी है, ताकि उनका सर्वांगीण विकास हो सके। उन्होंने कहा कि बच्चों की प्रतिभा को सही दिशा देने में प्रशिक्षकों की अहम भूमिका होती है। उन्होंने बच्चों से सीखने की अनुमति बनाए रखी और अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित जीवन की तलाश की।फार्मास्युटिकल अध्यक्ष श्री नरपति पटेल ने कहा कि खेलों को बढ़ावा देना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। खेल से बच्चों का स्वास्थ्य बेहतर होता है और उनमें प्रतिस्पर्धात्मक भावना का विकास होता है। उन्होंने कहा कि ओलंपिक्स वाइल्ड लाइफ आज राज्य ही नहीं, बल्कि पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ है।कंपनी के उपाध्यक्ष श्री जैकसेतु मेंडी ने कहा कि बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ खेल और अन्य गतिविधियों में भी सक्रिय रूप से भाग लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि 25 दिनों तक प्रशिक्षण के सकारात्मक परिणाम निश्चित रूप से बच्चों के भविष्य में सामने आएंगे और वे अपनी रुचि के अनुसार आगे चलकर सफलता प्राप्त करेंगे।
इस अवसर पर जिला पंचायत के सीईओ अविनाश भोई, डिप्टी रजिस्ट्रार कैथेड्रल पोया, धर्मशाला के ईमल सिंह बाघल, निवास नायडू, केम वैष्णव, पुजारी तिवारी, आर.के.जैन, चन्द्रशेखर ठाकुर, नितेश एक्का, नकुल सिंह, राकेश दीवान, चंद न मिनोचा, सौरभ मैडम, कु. अंजलि ठाकुर, धनेश्वर सोरी सहित अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
