अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा ने केशकाल वन मंडल के तेंदूपत्ता फार्म का निरीक्षण किया

कोंडागांव – छत्तीसगढ़ शासन के अपर मुख्य सचिव एवं सचिव, वन विभाग श्रीमती ऋचा शर्मा ने शनिवार को वन मंडल केशकाल के अंतर्गत विभिन्न तेंदूपत्ता एवं सचिव का निरीक्षण किया।निरीक्षण के दौरान उन्होंने प्राथमिक लघु वनोपज समिति बहीगांव के अंतर्गत फड़ गोहड़ा, समिति बड़ेडोंगर के फद बड़ेडोंगर ‘ए’ एवं ‘बी’, फरसगांव समिति के फद फरसगांव और प्राथमिक लघु वनोपज समिति बहीगांव के अंतर्गत फद मसुकोकोड़ा का भ्रमण किया। इस दौरान तेंदूपत्ता की गुणवत्ता, गड्डियों की संख्या और संग्रहकर्ता कार्य की प्रगति का सूक्ष्मीकरण किया गया।श्रीमती शर्मा ने ब्लॉग पर भाग लिया, जिसमें एफडी मुंशी, एफडी अभिरक्षक, एवं प्रबंधक छात्र अधिकारियों से चर्चा कर कार्य की समीक्षा की और आवश्यक दिशा- निर्देश दिए गए। उन्होंने छत्तीसगढ़ शासन के विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक प्रभावी रूप से नामांकन के निर्देश भी दिए।निरीक्षण के दौरान श्रीमती संजीता गुप्ता (अपर प्रबंध निदेशक, राज्य लघु वनोपज संघ, रायपुर),  लक्ष्मण सिंह (संयुक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी, कैम्पा रायपुर),  राजेश चंद कुमारेले (मुख्य वन संरक्षक, कांकेर वन वृत्त), श्रीमती दिव्या गौतम (वनमंडल निदेशक एवं प्रबंध निदेशक, जिला संघ केशकाल), श्री एन. के. सिन्हा (उपवनमंडल पदाधिकारी फरसागांव एवं उपप्रबंध निदेशक), श्रीमती सुषमा जे. नेताम (उप वनमंडल अधिकारी केशकाल) तथा श्री आर. एस. यादव (वन परिक्षेत्र अधिकारी) सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।वनोपज सहयोगी संघ मर्यादित केशकाल के तहत निर्धारित लक्ष्य 28,500 मानक बोरा के विरुद्ध अब तक 8,657.545 मानक बोरा तेंदूपत्ता की संख्या जारी की गई है। कलेक्टर कार्य निरंतर जारी है तथा सॉफ्टवेयर के माध्यम से भुगतान की प्रक्रिया भी संचालित की जा रही है।निरीक्षण के बाद अधिकारियों ने केशकाल परिक्षेत्र के गोबराहिन स्थित प्राचीन एवं ऐतिहासिक महत्व के स्मारकों के दर्शन और क्षेत्र के सांस्कृतिक चमत्कारों के संरक्षण पर बल दिया।इस निरीक्षण के माध्यम से तेंदूपत्ता संग्रहकर्ता कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के साथ-साथ शासन की मंजूरी के सहायक अभियंता की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताई गई है।