नारी शक्ति वंदन अधिनियम से महिलाओं को दलित प्रतिनिधित्व: शालिनी राजपूत

कांकेर –  देश में महिलाओं को राजनीतिक रूप से सशक्त बनाया गया एक ऐतिहासिक कदम प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा नारी शक्ति वंदन अधिनियम लागू किया जाएगा। इस अधिनियम के तहत नोबेल एवं राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रस्ताव रखा गया है, जिसमें यूनेस्को की महिलाओं को राजनीतिक रूप से प्रतिबंध और निर्णय प्रक्रिया में भागीदारी का समान अवसर मिलेगा।

इस महत्वपूर्ण पहल पर छत्तीसगढ़ राज्य हस्तशिल्प बोर्ड की अध्यक्ष श्रीमती शालिनी राजपूत ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि यह महिलाओं के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि सभी वर्ग, समाज और जाति की महिलाओं को नेतृत्व के क्षेत्र में आगे आने का अवसर मिलेगा और वे अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगी।

श्रीमती राजपूत ने कहा कि आज की महिलाएं हर क्षेत्र में नशे में हैं और इस अधिनियम के लागू होने से उनकी भागीदारी और अधिक मजबूत होगी। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री मोदी से बातचीत में कहा कि केंद्र सरकार महिला सशक्तिकरण के लिए लगातार ठोस कदम उठा रही है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में विष्णुदेव साय के नेतृत्व में महिलाओं के हित में कई संचालित की जा रही हैं। विशेष रूप से महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं को हर माह आर्थिक सहायता दी जा रही है, जिससे उनकी आत्मनिर्भरता बढ़ रही है।