सियासी नज़र -किरंदुल पालिका के विधायक प्रतिनिधि पद पर लगा ग्रहण का साया -एक निष्कासित दूसरे ने दिया इस्तीफा

( पहले विधायक प्रतिनिधि जितेंद्र गुप्ता हुए थे निष्कासित और दूसरे विधायक प्रतिनिधि शैलेंद्र सिंह ने दिया इस्तीफा )

किरंदुल — किरंदुल नगर पालिका परिषद में विधायक प्रतिनिधि के पद को सूर्य ग्रहण या चंद्र ग्रहण की छाया लगी हुई है ।उल्लेखनीय हैं कि विधानसभा चुनाव में जीत के बाद भाजपा की टिकट से जीत कर दंतेवाड़ा विधानसभा में परचम लहराने वाले विधायक चेतराम अट्टामी ने जीत के बाद किरंदुल नगर पालिका परिषद में अपने प्रतिनिधि के रूप में जितेंद्र गुप्ता को विधायक प्रतिनिधि के रूप में नियुक्त किया था ।परंतु एक बेबा के मकान पर अवैध रूप से किये गए कब्जे के विवादों के बीच अखबार पत्रों में बनी हेड लाइन के बीच दंतेवाड़ा विधायक ने किरंदुल क्षेत्र के विधायक प्रतिनिधि जितेंद्र गुप्ता को तत्काल प्रभाव से विधायक प्रतिनिधि के पद से मुक्त कर दिया था ।तत्पश्चात कई महीनों तक किरंदुल पालिका परिषद में विधायक प्रतिनिधि की सीट खाली पड़ी थी ।परंतु पिछले सप्ताह दंतेवाड़ा विधायक चेत राम अट्टामी ने किरंदुल पालिका अध्यक्ष रूबी सिंह के पति और पूर्व पालिका अध्यक्ष शैलेंद्र सिंह को किरंदुल पालिका के लिए अपना विधायक प्रतिनिधि नियुक्त किया था ।विदित हो कि जैसे ही नवनियुक्त विधायक प्रतिनिधि शैलेंद्र सिंह की नियुक्ति की खबरे ब्लॉक कांग्रेस पार्टी और किरंदुल पालिका के कांग्रेसी पार्षदों को मिली तो उन्होंने तुरंत इस नियुक्ति का विरोध करते हुए दंतेवाड़ा कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा । स्थानीय कांग्रेस नेताओँ के विरोध के बीच पालिका अध्यक्ष रूबी सिंह के पति और पूर्व पालिका अध्यक्ष शैलेंद्र सिंह ने अपना इस्तीफा तो दे दिया ।परंतु किरंदुल में पड़ रही भीषण गर्मी के बीच होटलों में लस्सी और मट्ठे का मजा लेने के बीच जनता में इस बात की भी चर्चा जोरों पर है कि क्या किरंदुल पालिका क्षेत्र के विधायक प्रतिनिधि के पद को कहीं सूर्य ग्रहण या चंद्र ग्रहण की छाया तो नहीं पड़ गई है ।