आदिवासी परम्परा – कुंडा मिलान डूमा जात्रा में शामिल होने पहुंचे 15 हजार से ज्यादा लोग

आदिवासी समाज द्वारा आयोजित इस तरह के कार्यक्रम से समाज में एकता और भाईचारा बढता है – श्रीमती लोकेश्वरी नेताम 

देवजात्रा मंे ईष्टदेव, बुढादेव की पुजा अर्चना कर क्षेत्र में सुख शांति समृध्दि और खुशहाली की गई कामना 

मैनपुर – आदिवासी समाज का अपना एक गौरवशाली इतिहास है और अपनी अलग परम्पराओं के और मान्यतांे के लिए जाना जाता है, तहसील मुख्यालय मैनपुर से 4 कि.मी. दूर गोपालपुर में तीन दिवसीय गोंडी धर्म का सबसे पवित्र और अदभुत गोंडी संस्कृति बुढ़ालपेन कुंडा मिलान डुमा जात्रा का आयोजन किया जा रहा है जिसके दूसरे दिन आज गोपालपुरिया नेताम परिवार द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए क्षेत्रीय विधायक जनक ध्रुव सहित पूरे जिले व धमतरी जिले से भी लगभग 15 हजार लोग पहुचंे हुए थे यहां पहुंचने वाले सभी लोगो का आदिवासी परम्परा अनुसार स्वागत सम्मान किया गया। 28 मार्च शनिवार को माटी पूजा एवं मड़वा कार्यक्रम आयोजित किया गया एवं आज दूसरा दिन रविवार को पेन विवाह बुढ़ादेव पूजा का आयोजन किया गया। इस जात्रा कार्यक्रम मंें आदिवासी समाज के नेताम परिवार द्वारा अपने पूर्वजांे को याद करने और श्रध्दाजंली अर्पित करने जात्रा कार्यक्रम का आयोजन किया गया है, जात्रा कार्यक्रम में आज प्रमुख रूप से शामिल होने बिन्द्रानवागढ़ विधायक जनक ध्रुव भी पहुंचे और उन्होने पूजा अर्चना कर क्षेत्र में सुख शांति और समृध्दि की कामना किया इस दौरान जिला पंचायत सदस्या एवं आदिवासी महिला प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती लोकेश्वरी नेताम, अमात गोड़ समाज के सलाहकार दयाराम नागेश, श्री आर एन ध्रुव, जिला अध्यक्ष महासमुंद एस पी ध्रुव, धमतरी डी डी मांझी, लोकेन्द्र कोमर्रा, भागसिंह कोमर्रा, आदिवासी नेता महेन्द्र नेताम, अमृत लाल नागेश, सियाराम ठाकुर, प्रताप मरकाम, गोपी नेताम एवं बड़ी संख्या में वरिष्ठजन उपस्थित थे। इस दौरान अतिथियांे ने ईष्टदेव छत्रपति बुढादेव की पुजा अर्चना कर क्षेत्र में सुख शांति समृध्दि और खुशहाली की कामना की। आयोजित जात्रा कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला पंचायत सदस्य श्रीमती लोकेश्वरी नेताम ने कहा कि आदिवासी समाज अपनी परम्परा और संस्कृति के लिए पुरे देश विदेश मंे जाना जाता है, आज आदिवासी समाज के लोग यहा अपने पुर्वजांे, पुरखों को याद करने और उनके आशीर्वाद लेने के लिए जात्रा कार्यक्रम का आयोजन किया गया है उन्होने कहा कि इस तरह के धार्मिक कार्यक्रम मे समाज में एकता भाईचारा और मजबूत होती है, और समाज के लोग एक जगह बैठक अपने समाज के विकास और उत्थान के बारे में चर्चा करते है।

पूर्वजो को याद करने डुमा जात्रा का आयोजन

बिन्द्रानवागढ विधानसभा क्षेत्र के विधायक जनक धु्रव ने भी जात्रा कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आदिवासी समाज के लोगो को अपने संस्कृति और परम्परानुसार सामाजिक कार्यक्रमों को करने के साथ आज के युवाओं को सामाजिक कार्यक्रमों मंे अपना योगदान देने की बात कही। आदिवासी नेता महेन्द्र नेताम, आर एन सोरी, सियाराम ठाकुर एवं समाज के वरिष्ठजनो ने कहा डुमा जात्रा अपने पूर्वजो के डुमा आत्माओं को याद करने के लिए आयोजित किया गया है ऐसे कार्यक्रम से सामज में एकता और भाईचारा और मेल मिलाप बढ़ता है ।इस मौके पर प्रमुख रूप से मनीराम नेताम, सोभन सिंह नेताम, नैनसिंह, घनश्याम, गोपी नेताम, छबीराम नेताम, श्यामलाल मोकताज दीवान,महेश, पवन, सदाराम, खेलन दीवान, तीलकराम, जन्मजय नेताम, चन्द्रसेन, महेन्द्र नेताम, मयाराम, लोभसिंह, लछिन्दर, हिरालाल, बैदराम, लोचन , पारेश्वर, सोनसिंह, निराम, देवीसिंह, बाबूलाल, बरनसिंह,भैयालाल, शिवचरण, धनसिंह, दलपसिंह, सुन्दर सिंह, बोधन, गौकरण मरकाम, मोहन, रूखमणी नेताम, राजोबाई नेताम, मेहतरीन बाई नेताम, उपासीन नागेश, विजेन्द्र ठाकुर, भागसिंह कोमर्रा, कल्याण सिंह कपिल, पवन, बलिराम नेताम, संतराम नेताम, उमेश दाउ, मयासिंह नागेश, भावसिंह नेताम, युवराज नेताम, गौकरण ध्रुर्वा, सुखराम नागेश, सुधीर, नारायण सिंह नेताम एवं हजारो की संख्या में आदिवासी समाज के साथ ही क्षेत्र के लोग कार्यक्रम में शामिल हुए यहा कार्यक्रम कल 30 मार्च को छत्तर भोज के सांथ सम्पन्न होगा। कार्यक्रम का संचालन महेन्द्र नेताम द्वारा किया जा रहा है।