महामाया मंदिर राजिम में नवरात्रि पर्व पर अष्टमी हवन का भव्य आयोजन

राजिम – धर्म नगरी के नाम से प्रसिद्ध राजिम में स्थित प्राचीन मां महामाया मंदिर चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर दिव्य भक्ति और आस्था की ज्योति से जगमगा उठा। प्रति वर्ष की भांति इस वर्ष भी नवरात्र की अष्टमी तिथि पर मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। मंदिर समिति और नगरवासियों के संयुक्त प्रयास से मंदिर परिसर में भव्य हवन का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। हवन कुंड में सुगंधित समिधाओं, घी और विभिन्न सामग्रियों के साथ मंत्रोच्चारण के बीच आहुतियां दी गईं। हवन की पवित्र अग्नि ने पूरे वातावरण को ऊर्जावान और दिव्य बना दिया। पुरोहितों द्वारा किए गए वैदिक मंत्रों की ध्वनि और भक्तों के जयकारों से मंदिर गूंज उठा। इस अवसर पर मां महामाया से क्षेत्र की खुशहाली, स्वास्थ्य, समृद्धि और शांति की प्रार्थना की गई। आयोजन में प्रमुख रूप से उपस्थित रहे — पुरोहित बलदाऊ ठाकुर, नीरज ठाकुर, पुजारी विजय शर्मा, ग्राम बैगा हेमलाल धीवर, भानु धीवर, नगर पंचायत अध्यक्ष महेश यादव, लाला साहू, लीलेस्वर यादव, बाल्मिकी धीवर, पवन सोनी, रमेश साहू, जितेंद्र सोनी, सुनील तिवारी, भुखन पटेल, सेष नारायण साहू, संजय सोनी, उत्सव महोबिया, लखन निर्मलकर, भारत सेन, राजू निसाद, रामकुमार साहू, नरेंद्र ठाकुर, फागु निषाद, संजय सिंह ठाकुर, गोपाल निषाद, गौरव ठाकुर, सत्रुहन निर्मलकर, विमल निषाद, विक्की साहू, सुनील देवांगन, रामप्रताप साहू, वासुदेव निसाद, रामकुमार साहू, साधु निसाद, सुनील गुप्ता, अनिल गुप्ता, राजू साहू, नारायण धीवर, भागवत साहू, भवानी शंकर साहू सहित अन्य गणमान्य नागरिक और भक्तजन। मंदिर समिति ने सभी श्रद्धालुओं का स्वागत किया और हवन के बाद प्रसाद वितरण भी किया गया। इस पावन आयोजन ने नवरात्रि की भक्ति भावना को और गहरा किया। राजिम के इस प्राचीन महामाया मंदिर में अष्टमी हवन का यह कार्यक्रम क्षेत्रवासियों की अटूट आस्था और सांस्कृतिक परंपरा को जीवंत रखने का सुंदर उदाहरण है।