गैसों की कालाबाजारी पर प्रशासन सख्त, होटल लीडर पर मामला दर्ज

जिले में अब तक 73 जेजेपी

धमतरी –  जिले में घरेलू और व्यावसायिक गैस कारोबारियों के अल्पसंख्यकों और कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए आवेदकों के नामांकन के बाद प्रशासन ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। इसी कड़ी में आज खाद्य विभाग की टीम ने धमतरी नगर निगम क्षेत्र के अलग-अलग होटलों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में औचक सामान दिया। इस जांच अभियान का नेतृत्व सहायक खाद्य अधिकारी श्री भेलेन्द्र कुमार ध्रुव, श्री निलेश चन्द्राकर और खाद्य पर्यवेक्षक श्री वैभव कोरटिया ने किया।

जांच के दौरान पीस कॉलोनी स्थित ‘मैलिक केटर्स’ में बड़ा क्षेत्र शामिल हुआ। रिलायंस के अनुसार, इस प्रतिष्ठान के पास 40 एनजी व्यावसायिक गैस एजेंसियों का कनेक्शन दर्ज है। हालाँकि, मशीन पर जांच करने पर केवल 23 खाली व्यावसायिक सौदे ही पाए गए। शेष 17 नाबालिगों के बारे में जब लीडर  महेश कुमार रंगलानी से पूछताछ की गई, तो वे कोई भी नामांकित उत्तर नहीं दे सके। व्यवसायियों के इस बड़े अंतर को देखते हुए प्रशासन ने व्यवसायिक गैस दलालों की कालाबाजारी की संभावना को कम कर दिया है। इसके तरलीकृत पाउडर गैस (प्रदाय और वितरण विनियम) ऑर्डर 2000 की कंडिका 03 और आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के प्रवाह के तहत मामला दर्ज कर 23 एनजी इंडेन बिजनेस बिजनेस जप्त कर के लिए जारी किए गए हैं।

घरेलू गैस के व्यावसायिक उपयोग और कालाबाजारी के खिलाफ जिले में अब तक कुल 34 आरोपियों पर कार्रवाई की जा रही है, जिसके तहत अब तक 73 आरोपियों पर कार्रवाई की जा चुकी है। खाद्य विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि पेट्रोलियम पदार्थों के उल्लंघन करने वाले के खिलाफ यह भविष्य अभियान भी निरंतर जारी रहेगा।